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किताबें › तर्कशक्ति · 12वीं स्तर

अध्याय 18

असमानता

AI की मदद से लिखा · समीक्षा बाकी

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अध्याय: असमानता (Inequality)

अध्याय की रूपरेखा और सीखने के उद्देश्य

इस अध्याय में हम सीखेंगे:

  1. असमानता के चिह्नों (<, >, ≤, ≥, =) का सही अर्थ और उनका परस्पर संबंध
  2. कथन (Statements) से निष्कर्ष (Conclusions) निकालने की व्यवस्थित विधि
  3. "या तो-या" (Either-Or) वाली स्थिति को पहचानना
  4. Coded Inequality (जहाँ @, #, $ जैसे चिह्नों का अर्थ दिया जाता है) को हल करना
  5. परीक्षा में 30-40 सेकंड में प्रश्न हल करने की रणनीति

शुरुआत: एक छोटी सी कहानी

सोचिए — रामू अपनी आम की दुकान पर तराजू रखकर बैठा है। एक पलड़े में 5 आम, दूसरे में 3 आम। तराजू झुक गया। रामू बिना गिने बता देता है कि कौन-सा पलड़ा भारी है। यही तराजू आपकी परीक्षा में "असमानता" का प्रश्न है! परीक्षक आपको दो-तीन तराजू (कथन) देता है और पूछता है — "बताओ, A और C में कौन भारी?" जो छात्र तराजू की भाषा समझ गया, वह 30 सेकंड में उत्तर देकर आगे बढ़ जाता है; जो नहीं समझा, वह 3 मिनट उलझता रहता है और बाकी प्रश्न छूट जाते हैं।

अच्छी खबर यह है कि यह भाषा सीखने में सिर्फ एक घंटा लगता है — और फिर यह अध्याय आपके लिए "पक्के अंक" बन जाता है। SSC CHSL, CGL, IBPS, RRB NTPC — हर परीक्षा में असमानता से प्रश्न लगभग तय हैं।


भाग 1: पाँच चिह्न — असमानता की वर्णमाला

पहले इन पाँच चिह्नों को अपने दोस्त बना लीजिए:

चिह्ननामअर्थउदाहरण
>बड़ाA, B से बड़ा हैA > B
<छोटाA, B से छोटा हैA < B
≥बड़ा या बराबरA, B से छोटा नहीं हैA ≥ B
≤छोटा या बराबरA, B से बड़ा नहीं हैA ≤ B
=बराबरA और B समान हैंA = B

याद रखने की ट्रिक (Mnemonic): चिह्न का खुला मुँह हमेशा बड़े की ओर होता है — जैसे मगरमच्छ का मुँह हमेशा बड़े शिकार की तरफ खुलता है! A > B यानी मगरमच्छ A को खाना चाहता है, क्योंकि A बड़ा है।

एक और जरूरी बात — विपरीत चिह्न (Opposite Signs):

🧠 Active Recall: बिना ऊपर देखे बताइए — (1) "A, B से बड़ा नहीं है" को चिह्न में कैसे लिखेंगे? (2) ≥ का विपरीत क्या है? (3) मगरमच्छ का मुँह किस ओर खुलता है?


भाग 2: श्रृंखला बनाना — असमानता का असली खेल

असमानता के प्रश्नों में आपको 2-3 कथन दिए जाते हैं, जैसे:

कथन: A > B, B ≥ C, C < D

पहला काम: इन्हें जोड़कर एक श्रृंखला बनाओ। जो अक्षर दो कथनों में आता है, वही कड़ी है। यहाँ B और C कड़ियाँ हैं:

A > B ≥ C < D

अब निष्कर्ष जाँचने का नियम:

नियम 1 (एक ही दिशा का नियम): दो अक्षरों के बीच निश्चित संबंध तभी निकाल सकते हैं जब उनके बीच के सभी चिह्न एक ही दिशा में हों (या बराबर के साथ मिले हों)।

नियम 2 (दरवाजा बंद होने का नियम): जब रास्ते में दिशा बदल जाए (> के बाद < आ जाए), तो समझो दरवाजा बंद हो गया — उसके आगे का संबंध नहीं निकाला जा सकता।

नियम 3 (प्राथमिकता का नियम): जब एक ही दिशा में > और ≥ दोनों रास्ते में हों, तो मजबूत चिह्न (>) जीतता है:

सरल भाषा में: "श्रृंखला में एक भी सख्त (>) कड़ी हो तो निष्कर्ष सख्त (>) ही होगा" — > वाली कड़ी हो तो निष्कर्ष में > आएगा; केवल ≥ वाली कड़ियाँ हों तो निष्कर्ष ≥ होगा।

🧠 Active Recall: कथन हैं P ≥ Q, Q > R। बताइए — (1) P > R सही है या P ≥ R? (2) P और R के बीच दिशा बदली है क्या?


भाग 3: उदाहरण से समझिए

उदाहरण 1:
कथन: M > N, N ≥ O
निष्कर्ष: (I) M > O (II) M ≥ O

हल: श्रृंखला: M > N ≥ O। M से O तक चिह्न हैं > और ≥ — एक ही दिशा। नियम 3 से मजबूत चिह्न > जीतता है, इसलिए निष्कर्ष M > O होगा।

उदाहरण 2:
कथन: X < Y, Y = Z, Z > W
निष्कर्ष: (I) X < Z (II) Y > W

हल: श्रृंखला: X < Y = Z > W।

उदाहरण 3 (दरवाजा बंद):
कथन: P > Q, Q < R
निष्कर्ष: (I) P > R (II) P < R

हल: P > Q < R — दिशा बदल गई, दरवाजा बंद। P और R का कोई निश्चित संबंध नहीं। दोनों निष्कर्ष गलत।

🧠 Active Recall: कथन: A = B, B > C, C > D। बताइए A और D का संबंध, और B और D का संबंध।


भाग 4: "या तो-या" (Either-Or) की स्थिति

यह सबसे ज्यादा अंक दिलाने वाला और सबसे ज्यादा उलझाने वाला टॉपिक है।

कब लगता है Either-Or? जब दोनों निष्कर्ष अलग-अलग गलत हों, पर तीन शर्तें पूरी हों:

  1. दोनों निष्कर्ष में वही दो अक्षर हों (जैसे दोनों में A और C)
  2. दोनों निष्कर्ष पूरक (complementary) हों — यानी दोनों मिलकर सभी संभावनाएँ ढक लें
  3. दोनों अलग-अलग गलत हों

पूरक जोड़े याद रखिए:

उदाहरण:
कथन: A ≥ B, B = C
निष्कर्ष: (I) A > C (II) A = C

हल: श्रृंखला A ≥ B = C → A ≥ C निश्चित। अब A > C भी अकेला निश्चित नहीं, A = C भी अकेला निश्चित नहीं। पर दोनों में वही अक्षर हैं, दोनों पूरक हैं (> और = मिलकर ≥ बनाते हैं), दोनों अलग-अलग गलत हैं → उत्तर: या तो I या II अनुसरण करता है।

⚠️ सावधानी: अगर निष्कर्ष (I) A > C और (II) A < C हों, तो ये पूरक नहीं हैं (A = C की संभावना खुली रह गई) — Either-Or नहीं लगेगा, दोनों गलत होंगे।

🧠 Active Recall: Either-Or की तीन शर्तें बिना देखे बोलिए। > का पूरक क्या है?


भाग 5: Coded Inequality (संकेतिक असमानता)

बैंकिंग परीक्षाओं (IBPS, SBI) में चिह्नों की जगह कोड दिए जाते हैं:

निर्देश: 'A @ B' का अर्थ 'A > B'; 'A # B' का अर्थ 'A < B'; 'A $ B' का अर्थ 'A ≥ B'; 'A % B' का अर्थ 'A ≤ B'; 'A ★ B' का अर्थ 'A = B'

करने की विधि:

  1. सबसे पहले एक लाइन में डिकोडिंग टेबल बना लो: @ = >, # = <, $ = ≥, % = ≤, ★ = =
  2. कथनों को सामान्य चिह्नों में बदलो
  3. फिर वही पुरानी विधि — श्रृंखला, दिशा जाँच, निष्कर्ष

उदाहरण:
कथन: P @ Q, Q ★ R, R # S
डिकोड: P > Q, Q = R, R < S → श्रृंखला: P > Q = R < S
निष्कर्ष: (I) P > R → सही (> और = एक दिशा)। (II) P > S → गलत (R < S पर दिशा बदली, दरवाजा बंद)।

समय बचाने की ट्रिक: डिकोड करते समय ≥ और ≤ वाले कोड ($, %) को गोल घेरे में लिखो — निष्कर्ष जाँचते समय तुरंत दिखेगा कि रास्ते में ≥/≤ वाली कड़ी है या नहीं, और निष्कर्ष में कौन-सा चिह्न आएगा।

🧠 Active Recall: अगर 'A δ B' का अर्थ 'A ≤ B' है, तो 'P δ Q' में P और Q का संबंध अपने शब्दों में बोलिए।


भाग 6: सारांश तालिका — एक नज़र में पूरा अध्याय

स्थितिनियमउदाहरण
चिह्न एक ही दिशा मेंनिश्चित संबंध निकलता हैA > B > C ⇒ A > C
रास्ते में = आएकोई फर्क नहीं, दिशा वही मानी जाएगीA > B = C ⇒ A > C
> और ≥ साथ आएँमजबूत चिह्न (>) जीतता हैA > B ≥ C ⇒ A > C
≥ और ≥ साथ आएँनिष्कर्ष ≥A ≥ B ≥ C ⇒ A ≥ C
दिशा बदल जाए (> फिर <)दरवाजा बंद — कोई संबंध नहींA > B < C ⇒ A-C संबंध अनिश्चित
दोनों निष्कर्ष गलत + वही अक्षर + पूरकEither-OrA ≥ C पर "A > C / A = C"
Coded प्रश्नपहले डिकोड, फिर वही नियम@ = >

स्मृति-सहायक (Mnemonic) — "दिशा-दरवाजा-दोस्त":

📌 दोहराने का निर्देश: इस अध्याय को आज पढ़ने के बाद 2 दिन बाद सिर्फ यह सारांश तालिका और जाल बॉक्स दोबारा पढ़ें, और 10 प्रश्न लगाएँ। फिर 7 दिन बाद एक बार और। इससे यह अध्याय परीक्षा तक ताजा रहेगा।


⚠️ सावधान: परीक्षक का जाल

जाल 1: "आधा-अधूरा सही" निष्कर्ष
जब निश्चित संबंध A > B हो और निष्कर्ष दिया हो "A ≥ B" — छात्र सोचता है "बड़ा है तो बड़ा-या-बराबर भी तो सही है" और सही टिक कर देता है। परीक्षा में ऐसा निष्कर्ष गलत माना जाता है, क्योंकि निष्कर्ष को निश्चित और पूरा संबंध बताना चाहिए। याद रखें: निश्चित संबंध जो है, वही निष्कर्ष में होना चाहिए — न उससे कमजोर, न उससे मजबूत।

जाल 2: Either-Or की नकली शर्तें
परीक्षक जानबूझकर ऐसे निष्कर्ष देता है जो पूरक लगते हैं पर हैं नहीं — जैसे "A > B" और "A < B"। ये पूरक नहीं हैं (A = B की संभावना खुली रह गई)। Either-Or लगाने से पहले तीनों शर्तें जाँचें: वही अक्षर? पूरक जोड़ा? दोनों अलग-अलग गलत? एक भी शर्त टूटे तो उत्तर "दोनों गलत" है।

जाल 3: Coded प्रश्नों में जल्दबाजी की गलती
छात्र $ (≥) को > पढ़ लेता है या % (≤) को < — और पूरा प्रश्न गलत। डिकोडिंग टेबल बनाए बिना कभी शुरू न करें। 10 सेकंड टेबल बनाने में लगाएँ, 30 सेकंड गलत उत्तर पर बर्बाद होने से बचें।

जाल 4: दिशा बदलने पर भी संबंध निकालना
A > B < C देखकर छात्र सोचता है "A सबसे बड़ा लग रहा है" और A > C सही कर देता है। यह अनुमान है, निष्कर्ष नहीं। दरवाजा बंद = संबंध अनिश्चित, चाहे कितना भी "लग रहा हो"।

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