समय और कार्य (Time & Work)
अध्याय की रूपरेखा और सीखने के उद्देश्य
इस अध्याय को पढ़ने के बाद आप सक्षम होंगे:
- किसी भी व्यक्ति/मशीन की कार्य-क्षमता (Efficiency) को दर (Rate) में बदलना
- LCM विधि से बिना भिन्नों के जंजट के सवाल हल करना
- मिलकर काम करने, छोड़कर जाने, बारी-बारी काम करने वाले प्रश्न हल करना
- पाइप और टंकी के प्रश्नों को समय-कार्य की भाषा में समझना
- कार्य-मजदूरी (Work & Wages) में क्षमता के अनुपात से बँटवारा करना
- M.D.H (Men × Days × Hours) सूत्र से तुलनात्मक प्रश्न हल करना
हुक: वो दीवार जो कभी बन ही नहीं पाई
कल्पना कीजिए — एक ठेकेदार ने 10 मजदूरों से कहा, "यह दीवार 12 दिन में बनानी है।" मजदूरों ने काम शुरू किया। 4 दिन बाद 4 मजदूर बीमार होकर चले गए। अब सवाल यह है: दीवार कितने दिन में बनेगी?
अगर आप सोचते हैं "बस थोड़ा ज़्यादा समय लगेगा" — तो आप उसी जाल में फँसे हैं जिसमें हर साल लाखों परीक्षार्थी फँसते हैं। सही जवाब निकालने के लिए आपको गुणा-भाग नहीं, एक सोचने का तरीका चाहिए। वही तरीका इस अध्याय में सीखेंगे।
यही अध्याय SSC CGL, IBPS PO, CAT और State PCS में लगभग हर साल पूछा जाता है — और अच्छी खबर यह है कि इसके सवाल सबसे तेज़ हल होते हैं, अगर तरीका पता हो।
आम समस्या: "मैं भिन्नों में उलझ जाता हूँ"
ज़्यादातर छात्र समय-कार्य को इस तरह पढ़ते हैं:
> "A एक काम 12 दिन में करता है, तो 1 दिन में 1/12 काम करेगा…"
और फिर 1/12 + 1/15 + 1/20 जोड़ते-जोड़ते LCM निकालते-निकालते परीक्षा हॉल में पसीना आ जाता है। भिन्नों का यह रास्ता सही है, लेकिन धीमा है।
इस अध्याय में हम भिन्नों को लगभग खत्म कर देंगे। हम काम को "रोटियाँ" मानेंगे — हाँ, सच में! — और पूरा अध्याय खेल-खेल में समझ आ जाएगा।
खंड 1: मूल अवधारणा — काम एक "राशि" है
सबसे पहले अपने दिमाग में यह तस्वीर बनाइए:
> काम = रोटियों का एक ढेर। मजदूर = रोटी खाने वाले लोग।
अगर A किसी काम को 10 दिन में पूरा करता है, तो मान लीजिए काम = 10 रोटियाँ। तो A रोज़ 1 रोटी खाता है।
अगर B उसी काम को 5 दिन में करता है, तो B रोज़ 2 रोटियाँ खाता है।
दोनों मिलकर रोज़ 3 रोटियाँ खाएँगे, तो 10 रोटियाँ खत्म होंगी 10/3 = 3⅓ दिन में। बस! यही पूरा अध्याय है।
मूल सूत्र:
> कार्य = कार्य-क्षमता × समय
> (Work = Efficiency × Time)
जैसे दूरी = चाल × समय, वैसे ही काम = क्षमता × समय। अगर आपने "चाल-समय-दूरी" पढ़ा है, तो यह अध्याय उसका जुड़वा भाई है।
🧠 Active Recall: बिना ऊपर देखे बताइए — अगर C एक काम 8 दिन में करता है और काम को 24 रोटियाँ मानें, तो C की दैनिक क्षमता कितनी? (उत्तर: 3 रोटी/दिन)
खंड 2: LCM विधि — परीक्षा का असली हथियार
कदम 1: सभी दिए गए समयों का LCM लीजिए — यही "कुल काम" है।
कदम 2: हर व्यक्ति की दैनिक क्षमता = कुल काम ÷ उसका समय।
कदम 3: अब सवाल जो भी पूछे, सिर्फ़ जोड़-घटा और भाग करिए।
उदाहरण: A काम 12 दिन में, B 18 दिन में करता है। दोनों मिलकर कितने दिन में?
- LCM(12, 18) = 36 = कुल काम (36 रोटियाँ)
- A की क्षमता = 36/12 = 3 रोटी/दिन
- B की क्षमता = 36/18 = 2 रोटी/दिन
- मिलकर = 5 रोटी/दिन → समय = 36/5 = 7⅕ दिन
ध्यान दीजिए — कहीं भी 1/12 + 1/18 जैसी भिन्न नहीं आई। यही LCM विधि की ताकत है।
🧠 Active Recall: A = 10 दिन, B = 15 दिन। LCM विधि से मिलकर काम का समय बताइए। (उत्तर: कुल काम 30, क्षमता 3+2=5, समय = 6 दिन)
खंड 3: क्षमता का अनुपात — उल्टा रिश्ता
यहाँ एक गहरी बात है जो Advanced स्तर के प्रश्नों की जान है:
> समान काम के लिए, क्षमता समय के व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) होती है।
अगर A काम 6 दिन में और B 12 दिन में करता है, तो A की क्षमता B की दोगुनी है। समय का अनुपात 1:2, तो क्षमता का अनुपात 2:1 — बस उलट दीजिए!
तीन व्यक्तियों के लिए: समय का अनुपात a : b : c हो, तो क्षमता का अनुपात = 1/a : 1/b : 1/c = bc : ac : ab।
उदाहरण: A, B, C काम क्रमशः 4, 6, 12 दिन में करते हैं।
क्षमता अनुपात = 1/4 : 1/6 : 1/12 = 3 : 2 : 1 (12 से गुणा करने पर)।
🧠 Active Recall: अगर A, B से दोगुना कुशल है और B काम 20 दिन में करता है, तो A कितने दिन में करेगा? (उत्तर: 10 दिन)
खंड 4: मजदूर छोड़कर जाएँ या बीच में जुड़ें
अब वापस हुक वाली कहानी पर आइए — 10 मजदूर, 12 दिन, 4 दिन बाद 4 मजदूर चले गए।
कुल काम = 10 मजदूर × 12 दिन = 120 मजदूर-दिन (man-days)।
- पहले 4 दिन: 10 मजदूरों ने किया = 40 मजदूर-दिन
- शेष काम = 120 − 40 = 80 मजदूर-दिन
- बचे 6 मजदूर: 80/6 = 13⅓ दिन
- कुल समय = 4 + 13⅓ = 17⅓ दिन
देखा? "थोड़ा ज़्यादा" नहीं — 5⅓ दिन ज़्यादा! परीक्षक ठीक इसी अंतर पर विकल्प बनाता है।
नियम याद रखिए: जो काम हो चुका, उसे कुल से घटाइए; जो बचा, उसे बचे हुए लोगों पर बाँटिए।
🧠 Active Recall: 20 मजदूर काम 15 दिन में कर सकते हैं। 5 दिन बाद 5 मजदूर और आ गए। काम कुल कितने दिन में पूरा हुआ? (उत्तर: शेष 200 मजदूर-दिन ÷ 25 = 8 दिन; कुल 5+8 = 13 दिन)
खंड 5: बारी-बारी से काम (Alternate Days)
A अकेला 10 दिन में, B अकेला 15 दिन में। वे एक-एक दिन बारी से काम करें, A शुरू करे — काम कब खत्म?
- कुल काम = LCM(10,15) = 30
- A = 3/दिन, B = 2/दिन
- हर 2 दिन में (A+B) = 5 यूनिट
- 30 ÷ 5 = 6 जोड़े → 12 दिन
लेकिन अगर कुल काम 5 से पूरा न कटे, तो आखिरी दिन ध्यान से देखिए — हो सकता है काम A के दिन के बीच में ही खत्म हो जाए। यहीं परीक्षक जाल बिछाता है!
उदाहरण (जाल वाला): A = 9 दिन, B = 12 दिन, बारी-बारी, A पहले।
कुल काम = 36; A = 4, B = 3; जोड़ी = 7 प्रति 2 दिन।
5 जोड़े (10 दिन) में 35 यूनिट। बचा 1 यूनिट — 11वाँ दिन A का है, वह 1 यूनिट 1/4 दिन में करेगा।
कुल = 10¼ दिन।
🧠 Active Recall: बारी-बारी वाले प्रश्न में आखिरी चरण में क्या जाँचना ज़रूरी है? (उत्तर: कि काम किसके दिन में और दिन के किस हिस्से में पूरा हुआ)
खंड 6: पाइप और टंकी — वही कहानी, नए किरदार
पाइप-टंकी समय-कार्य ही है, बस एक अंतर: निकासी पाइप (Outlet) ऋणात्मक काम करता है — यानी वह रोटियाँ उल्टी कर देता है! 🚰
उदाहरण: पाइप A टंकी 6 घंटे में भरे, पाइप B उसे 8 घंटे में खाली करे। दोनों खुले हों तो?
- कुल क्षमता = LCM(6,8) = 24
- A = +4/घंटा, B = −3/घंटा
- शुद्ध = +1/घंटा → टंकी भरेगी 24 घंटे में
जाल: "टंकी आधी भरी थी" या "3 घंटे बाद निकासी खोली गई" — ऐसे प्रश्नों में पहले हो चुका काम घटाइए, फिर शुद्ध दर लगाइए। बिल्कुल वैसे जैसे मजदूर-छोड़ने वाले प्रश्न में किया था।
🧠 Active Recall: भरने वाला पाइप 5 घंटे में, खाली करने वाला 10 घंटे में। दोनों खुले तो टंकी कितने समय में भरेगी? (उत्तर: क्षमता 2−1=1, कुल 10 → 10 घंटे)
खंड 7: कार्य और मजदूरी (Work & Wages)
सुनहरा नियम:
> मजदूरी क्षमता के अनुपात में बँटती है — जितना काम, उतनी कमाई।
A, B, C की क्षमता अनुपात 3 : 2 : 1 है और कुल मजदूरी ₹1,800 है, तो:
A = 3/6 × 1800 = ₹900, B = ₹600, C = ₹300।
जाल: अगर समय अलग-अलग दिया हो (A ने 4 दिन काम किया, B ने 6 दिन), तो मजदूरी (क्षमता × दिन) के अनुपात में बँटेगी, सिर्फ़ क्षमता के अनुपात में नहीं।
खंड 8: M.D.H सूत्र — तुलना का ब्रह्मास्त्र
जब दो स्थितियों की तुलना हो (M₁ लोग D₁ दिन में काम करें, M₂ लोग D₂ दिन में):
> M₁ × D₁ × H₁ / W₁ = M₂ × D₂ × H₂ / W₂
जहाँ M = व्यक्ति, D = दिन, H = घंटे/दिन, W = काम की मात्रा।
उदाहरण: 15 व्यक्ति दिन में 8 घंटे काम करके एक दीवार 20 दिन में बनाते हैं। 10 घंटे/दिन काम करके वही दीवार 12 व्यक्ति कितने दिन में बनाएँगे?
15 × 20 × 8 = 12 × D₂ × 10 → D₂ = 2400/120 = 20 दिन।
याद रखें: अगर व्यक्तियों की क्षमता अलग-अलग हो (पुरुष, महिला, बच्चा), तो पहले सबको एक ही इकाई में बदलिए — जैसे "1 पुरुष = 2 महिलाएँ"।
🧠 Active Recall: M.D.H सूत्र में W (काम) कब लिखना ज़रूरी है? (उत्तर: जब दोनों स्थितियों में काम की मात्रा अलग-अलग हो)
🎯 म्नेमोनिक ट्रिक: "रोटी-राजा का राजदूत"
> "रो-रा-रा" = रोटी (काम) → राजा (क्षमता) → राजदूत (समय)
- रोटी = कुल काम = LCM
- राजा = क्षमता = रोटी ÷ दिन (राजा जितना बड़ा, उतनी रोटियाँ खाएगा!)
- राजदूत = समय = रोटी ÷ राजा (संदेश पहुँचने में लगा वक्त)
और निकासी पाइप के लिए: "उल्टा पाइप, माइनस का भाई" — जो उल्टा बहाए, उसे ऋणात्मक लिखो!
सारांश तालिका
| अवधारणा | मुख्य बिंदु | एक पंक्त में |
|---|---|---|
| मूल सूत्र | काम = क्षमता × समय | दूरी-चाल-समय का जुड़वा |
| LCM विधि | कुल काम = समयों का LCM | भिन्नों से मुक्ति |
| क्षमता ∝ 1/समय | समय अनुपात उल्टा करो | 1:2 समय → 2:1 क्षमता |
| छोड़कर जाना | बचा काम ÷ बचे लोग | पहले घटाओ, फिर बाँटो |
| बारी-बारी | जोड़े की क्षमता से भाग | आखिरी दिन जाँचो! |
| पाइप-टंकी | निकासी = ऋणात्मक | उल्टा पाइप, माइनस का भाई |
| मजदूरी | क्षमता (× दिन) के अनुपात में | जितना काम, उतना पैसा |
| M.D.H | M₁D₁H₁/W₁ = M₂D₂H₂/W₂ | तुलना का ब्रह्मास्त्र |
⏰ दोहराने का निर्देश
इस अध्याय को 2 दिन बाद ज़रूर दोहराएँ — खासकर LCM विधि और "छोड़कर जाने" वाला खंड। फिर 7 दिन बाद सिर्फ़ सारांश तालिका और म्नेमोनिक देखिए। याद रखिए: समय-कार्य में स्पीड ही सब कुछ है, और स्पीड दोहराव से ही आती है। अगली बार जब कोई कहे "A काम 12 दिन में करता है", आपके दिमाग में तुरंत गूँजना चाहिए — "कितनी रोटियाँ?" 🍞