मिश्रण और पृथक्कीकरण (Mixture & Alligation)
🎯 इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
- मिश्रण (Mixture) की मूल अवधारणा और मूल्य-आधारित प्रश्न
- पृथक्कीकरण का नियम (Rule of Alligation) — परीक्षा का सबसे तेज़ हथियार
- दूध-पानी वाले प्रतिस्थापन (Replacement) प्रश्नों का सूत्र
- दो मिश्रणों को मिलाने, बार-बार मिलाने और अनुपात बदलने के प्रश्न
- Alligation को लाभ-हानि, औसत, ब्याज और समय-दूरी में लगाने की कला
🪝 हुक: वो दूधवाला, जो गणित नहीं जानता था
एक दूधवाला हर सुबह 40 लीटर शुद्ध दूध लाता था। ग्राहक शिकायत करते — "दूध पतला है!" उसने कभी गणित नहीं पढ़ी थी, फिर भी वह हर बार ठीक-ठीक जानता था कि कितना पानी मिलाया है और कितना मुनाफ़ा हुआ। कैसे? क्योंकि उसके पास एक अनुपात की आँख थी।
परीक्षा हॉल में आपके पास कैलकुलेटर नहीं होता, लेकिन Alligation आपको वही "अनुपात की आँख" देता है। SSC, बैंक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इस अध्याय से नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं — और जो विद्यार्थी Alligation की क्रॉस-विधि जानता है, वह लंबा लगने वाला सवाल कुछ ही सेकंड में हल कर देता है।
चलिए, वही आँख आपको भी देते हैं।
🧩 भाग 1: मिश्रण क्या है?
जब दो या दो से अधिक चीज़ें (जिनकी कीमत, सान्द्रता या मात्रा अलग-अलग हो) मिलाई जाती हैं, तो बनी हुई चीज़ मिश्रण कहलाती है।
मिश्रण का मूल्य (Mean Price): मिश्रण का वह प्रति-इकाई मूल्य जो मिलाई गई चीज़ों की मात्रा के अनुसार तय होता है।
उदाहरण: 2 किग्रा चावल ₹40/किग्रा वाला + 3 किग्रा चावल ₹60/किग्रा वाला मिलाया, तो
मिश्रण का मूल्य = (2×40 + 3×60) / (2+3) = 260/5 = ₹52/किग्रा
ध्यान दें — यह ₹50 नहीं है! क्योंकि महँगा चावल ज़्यादा मात्रा में है, मिश्रण का मूल्य उसकी ओर खिंचा है। मिश्रण का मूल्य हमेशा उस चीज़ की ओर झुकता है जिसकी मात्रा अधिक है।
🧠 Active Recall: बिना ऊपर देखे बताइए — 1 किग्रा ₹30 वाली चाय + 4 किग्रा ₹50 वाली चाय मिलाने पर मिश्रण का मूल्य ₹50 से कम क्यों होगा? (उत्तर सोचिए, फिर आगे पढ़िए।)
🧩 भाग 2: पृथक्कीकरण का नियम (Rule of Alligation)
यही इस अध्याय का दिल है। मान लीजिए दो चीज़ें हैं:
- सस्ती चीज़ का मूल्य = c (cheaper)
- महँगी चीज़ का मूल्य = d (dearer)
- मिश्रण का मूल्य = m (mean), जहाँ c < m < d
तो दोनों की मात्राओं का अनुपात:
सस्ती : महँगी = (d − m) : (m − c)
इसे क्रॉस (Cross) के रूप में याद रखें:
c d
\ /
m
/ \
(d−m) (m−c)
सुनहरा नियम: अंतर हमेशा *तिरछा* (cross) लिया जाता है — सस्ते के नीचे (d−m) लिखा जाता है, महँगे के नीचे (m−c)।
उदाहरण: ₹20/लीटर और ₹35/लीटर वाली दो किस्मों की चीनी मिलाकर ₹26/किग्रा का मिश्रण बनाना है।
अनुपात = (35−26) : (26−20) = 9 : 6 = 3 : 2
🧠 Active Recall: Alligation में (d−m) किसके नीचे लिखा जाता है — सस्ते के या महँगे के? और क्यों "तिरछा"?
🧩 भाग 3: Alligation सिर्फ़ पैसों के लिए नहीं!
Advanced स्तर का असली खेल यहीं शुरू होता है। Alligation किसी भी भारित औसत (weighted average) पर लगता है:
| क्षेत्र | c | d | m |
|---|---|---|---|
| लाभ-हानि | पहले सौदे का लाभ% | दूसरे का लाभ% | कुल लाभ% |
| औसत | लड़कों का औसत अंक | लड़कियों का औसत अंक | कक्षा का औसत |
| साधारण ब्याज | पहली दर | दूसरी दर | समग्र दर |
| गति | पहले समय-खंड की गति | दूसरे समय-खंड की गति | समग्र औसत गति (सावधानी: तभी लागू जब दोनों खंडों का समय बराबर हो; दूरी बराबर होने पर सीधे Alligation नहीं लगता) |
उदाहरण (औसत): कक्षा में लड़कों का औसत 60 अंक, लड़कियों का 75 अंक, पूरी कक्षा का 66 अंक।
लड़के : लड़कियाँ = (75−66) : (66−60) = 9 : 6 = 3 : 2
एक ही क्रॉस, चार अलग-अलग अध्यायों के प्रश्न हल — यही Alligation की ताकत है।
🧠 Active Recall: यदि कुल लाभ 10% है, एक सौदे में 4% लाभ, दूसरे में 16% लाभ — दोनों सौदों की राशि का अनुपात क्या होगा? (संकेत: (16−10):(10−4))
🧩 भाग 4: प्रतिस्थापन (Replacement) — दूध-पानी का क्लासिक
प्रश्न-ढाँचा: एक बर्तन में V लीटर शुद्ध दूध है। x लीटर निकालकर उतना ही पानी डाला जाता है। यह क्रिया n बार दोहराई जाती है। शेष शुद्ध दूध = ?
सूत्र:
शेष मात्रा = V × (1 − x/V)ⁿ
उदाहरण: 40 लीटर दूध, हर बार 8 लीटर निकालकर पानी भरना, 2 बार:
शेष दूध = 40 × (1 − 8/40)² = 40 × (4/5)² = 40 × 16/25 = 25.6 लीटर
याद रखने की कुंजी: हर बार दूध का *वही भिन्न* बचता है (1 − x/V), इसलिए घात (power) लगती है — यह चक्रवृद्धि ब्याज जैसा ही है, बस उल्टा (घटता हुआ)।
एक और प्रकार: यदि मिश्रण में दूध:पानी = a:b है और कुछ मिश्रण निकालकर पानी मिलाया जाए, तो याद रखें — निकाले गए मिश्रण में भी दूध:पानी वही a:b रहता है। यही सबसे बड़ा ट्रैप है: छात्र सोचते हैं कि सिर्फ़ दूध निकला!
🧠 Active Recall: 81 लीटर शुद्ध दूध से हर बार 1/3 भाग निकालकर पानी भरा गया, 3 बार। शेष दूध कितना? (संकेत: 81 × (2/3)³)
🧩 भाग 5: दो मिश्रणों को मिलाना
जब दो *तैयार मिश्रण* मिलाए जाते हैं, तो किसी एक घटक (जैसे दूध) पर Alligation लगाएँ — उस घटक का *अंश* (fraction) लेकर।
उदाहरण: बर्तन A में दूध:पानी = 3:2 (दूध = 3/5), बर्तन B में 7:3 (दूध = 7/10)। दोनों को किस अनुपात में मिलाएँ कि नए मिश्रण में दूध = 2/3 हो?
Alligation:
A का अंश = 3/5, B का अंश = 7/10, माध्य = 2/3
A : B = (7/10 − 2/3) : (2/3 − 3/5) = (1/30) : (1/15) = 1 : 2
तकनीक: भिन्नों में Alligation लगाते समय पहले हर (denominator) बराबर कर लें — गलती की संभावना आधी हो जाती है।
🧩 भाग 6: अनुपात बदलने वाले प्रश्न (Advanced)
प्रश्न-ढाँचा: मिश्रण में दूध:पानी = 5:3 है। कितना पानी और मिलाएँ कि अनुपात 5:4 हो जाए?
कुंजी-विचार: पानी मिलाने से *दूध की मात्रा नहीं बदलती*। दूध को दोनों अनुपातों में बराबर बनाइए (यहाँ पहले से 5 है)।
पानी 3 → 4, यानी 1 भाग बढ़ा। यदि कुल मिश्रण 40 लीटर था, तो 1 भाग = 40/8 = 5 लीटर। उत्तर: 5 लीटर पानी।
मना-किया-गया ट्रैप: कुछ छात्र "अंतर 1 भाग" देखकर 1 लीटर लिख आते हैं। भाग को हमेशा वास्तविक मात्रा में बदलिए!
🧠 Active Recall: यदि दूध मिलाया जाए (पानी नहीं), तो किस घटक को स्थिर मानेंगे?
🧠 स्मृति-सहायक ट्रिक (Mnemonic)
"CROSS में CROSS करो" — Alligation याद रखने का मंत्र:
> **"सस्ता नीचे, महँगा ऊपर का उधार —
> माध्य बीच में बैठा, अंतर तिरछा पार!"**
और Replacement के लिए:
> "निकालो-भरो, घात लगाओ — V गुणा (1 − x/V) की पावर n आओ!"
(बोलकर देखिए — ताल बन जाता है, और ताल वाली बात दिमाग में चिपक जाती है।)
📊 सारांश तालिका
| अवधारणा | मुख्य बिंदु | सूत्र/विधि |
|---|---|---|
| मिश्रण का मूल्य | मात्रा-भारित औसत | m = (q₁c + q₂d)/(q₁+q₂) |
| Alligation | मात्रा-अनुपात निकालना | (d−m) : (m−c) |
| Alligation का विस्तार | लाभ%, औसत, ब्याज पर भी | वही क्रॉस |
| Replacement | n बार निकालना-भरना | शेष = V(1 − x/V)ⁿ |
| दो मिश्रण मिलाना | एक घटक के अंश पर क्रॉस | भिन्नों में Alligation |
| अनुपात बदलना | जो न मिलाया जाए, वह स्थिर | स्थिर घटक को बराबर करो |
🔁 दोहराने का निर्देश
इस अध्याय को 2 दिन बाद दोबारा पढ़ें — खासकर Alligation का क्रॉस-चित्र और Replacement का सूत्र। दूसरी बार पढ़ते समय हर 🧠 प्रॉम्प्ट का उत्तर *पहले* बोलिए, फिर हल देखिए। तीसरी बार सीधे Practice Sets पर उतरिए — मिश्रण-पृथक्कीकरण की असली पकड़ कलम से होती है, आँख से नहीं।