सामान्य रसायन — आपकी रसोई में छिपा विज्ञान
◆ ज़रा अपनी रसोई की अलमारी खोलिए। पकौड़ों को फूला-फूला बनाने वाला सफ़ेद पाउडर खाने का सोडा है — NaHCO3। दाल का नमक सोडियम क्लोराइड है — NaCl। फ्रिज में रखा दही लैक्टिक अम्ल के कारण खट्टा है, और अचार के मर्तबान का सिरका ऐसीटिक अम्ल का 5–8% विलयन है। यानी आप रोज़ रसायन विज्ञान कर रहे हैं, बस उसका नाम नहीं जानते। इस अध्याय में हम उन्हीं चीज़ों को नाम देंगे जो आप रोज़ देखते हैं — और परीक्षा में ठीक यही पूछा जाता है।
आज आप क्या सीखेंगे (सीखने के उद्देश्य)
पदार्थ: अवस्थाएँ, अवस्था-परिवर्तन और मिश्रणों को अलग करने की विधियाँ
परमाणु: किसने क्या खोजा, परमाणु क्रमांक, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक, संयोजकता
आवर्त सारणी: डॉबेराइनर के त्रिक से मोज़ले के परमाणु क्रमांक तक
रासायनिक अभिक्रियाएँ: पाँच प्रकार, ऑक्सीकरण-अपचयन, संक्षारण, विकृतगंधिता
अम्ल, क्षारक और लवण: सूचक, pH और रोज़मर्रा के प्रसिद्ध लवण
धातु, अधातु और कार्बन यौगिक: गुण, अपवाद, मिश्रधातु, ईंधन, साबुन
परीक्षक के जाल — और उनसे बचने का तरीका
1. पदार्थ और उसकी अवस्थाएँ
जिसमें द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरे, वह पदार्थ है। यह ठोस, द्रव या गैस अवस्था में होता है। पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है, कण लगातार गति करते हैं और एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
केल्विन में ताप = °C में ताप + 273। बर्फ़ 273 K (0 °C) पर पिघलती है; जल 373 K (100 °C) पर उबलता है।
ऊर्ध्वपातन (Sublimation): ठोस का द्रव बने बिना सीधे वाष्प बनना — कपूर, नैफ़्थलीन, अमोनियम क्लोराइड। ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ़ (Dry Ice) कहते हैं।
वाष्पीकरण से ठंडक होती है। इसीलिए मटके का पानी ठंडा रहता है। सतही क्षेत्रफल, ताप और वायु की गति बढ़ने पर वाष्पीकरण बढ़ता है; आर्द्रता बढ़ने पर घटता है।
दो और अवस्थाएँ: प्लाज़्मा (फ़्लोरोसेंट ट्यूब और तारों की चमक) और बोस–आइंस्टाइन कंडेनसेट (अत्यंत कम ताप पर बनता है; सत्येंद्र नाथ बोस और अल्बर्ट आइंस्टाइन के नाम पर)।
🧠 सक्रिय स्मरण: 25 °C कितने केल्विन है? (298 K) ऊर्ध्वपातित होने वाले दो पदार्थ बताइए। (कपूर, अमोनियम क्लोराइड)
2. शुद्ध पदार्थ और मिश्रण
तत्व: केवल एक प्रकार के परमाणुओं से बना (लोहा, ऑक्सीजन)।
यौगिक: दो या अधिक तत्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े (जल, H2O)। इसके गुण अपने तत्वों से भिन्न होते हैं।
मिश्रण: पदार्थ बस मिले हुए, कोई निश्चित अनुपात नहीं। वायु, समुद्री जल और पीतल मिश्रण हैं। मिश्रधातुएँ समांगी मिश्रण हैं, यौगिक नहीं।
विलयन, कोलॉइड और निलंबन: वास्तविक विलयन (जल में नमक या चीनी) के कण इतने छोटे होते हैं कि प्रकाश नहीं बिखेरते। दूध और कोहरे जैसे कोलॉइड प्रकाश-पुंज को बिखेरते हैं — इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं।
पृथक्करण की विधियाँ — परीक्षा की पसंदीदा:
दूध से क्रीम → अपकेंद्रण (Centrifugation)
स्याही के रंग → वर्णलेखन (Chromatography)
केरोसिन और जल → पृथक्कारी कीप (Separating Funnel)
नमक और अमोनियम क्लोराइड → ऊर्ध्वपातन
वायु की गैसें → द्रव वायु का प्रभाजी आसवन
स्मृति-सूत्र: "क्रीम घूमे, रंग चढ़े, कपूर उड़े" — क्रीम अपकेंद्रण से (घूमना), रंग वर्णलेखन से (कागज़ पर चढ़ना), कपूर जैसे ठोस ऊर्ध्वपातन से (उड़ना)।
🧠 सक्रिय स्मरण: पीतल तत्व है, यौगिक या मिश्रण? (समांगी मिश्रण) आपके घर का कौन-सा कोलॉइड टिंडल प्रभाव दिखाता है? (दूध)
3. परमाणु के भीतर
जॉन डाल्टन ने कहा कि पदार्थ अविभाज्य परमाणुओं से बना है। बाद में वैज्ञानिकों ने परमाणु के भीतर झाँका:
जे.जे. टॉमसन — इलेक्ट्रॉन की खोज; उनका मॉडल क्रिसमस पुडिंग जैसा था (धनावेशित गोले में धँसे इलेक्ट्रॉन)।
ई. गोल्डस्टीन — केनाल किरणें (1886), जिनसे प्रोटॉन की खोज हुई।
अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड — सोने की पतली पन्नी पर अल्फ़ा-कण; परमाणु का अधिकांश भाग खाली है और केंद्र में छोटा धनावेशित नाभिक है।
नील्स बोर — इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं (कोश K, L, M, N) में घूमते हैं।
जेम्स चैडविक — न्यूट्रॉन की खोज (1932)।
स्मृति-सूत्र: "टॉमसन का इलेक्ट्रॉन, गोल्डस्टीन का प्रोटॉन, चैडविक का न्यूट्रॉन" — "टी-ई, जी-पी, सी-एन"।
परमाणु क्रमांक (Z) = प्रोटॉनों की संख्या। द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन। न्यूट्रॉन = A − Z।
किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n² (K = 2, L = 8, M = 18), पर सबसे बाहरी कोश में अधिकतम 8।
संयोजकता: संयोग करने की क्षमता। सोडियम (2, 8, 1) 1 इलेक्ट्रॉन खोता है → संयोजकता 1। क्लोरीन (2, 8, 7) 1 लेता है → संयोजकता 1। ऐलुमिनियम (2, 8, 3) → संयोजकता 3।
समस्थानिक (Isotopes): परमाणु क्रमांक समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न — प्रोटियम, ड्यूटीरियम, ट्रिटियम (हाइड्रोजन); कार्बन-12 और कार्बन-14; क्लोरीन-35 और क्लोरीन-37। उपयोग: यूरेनियम का समस्थानिक नाभिकीय रिएक्टर में ईंधन, कोबाल्ट का समस्थानिक कैंसर के उपचार में, आयोडीन का समस्थानिक घेंघा के उपचार में।
समभारिक (Isobars): भिन्न तत्व, समान द्रव्यमान संख्या — आर्गन-40 और कैल्सियम-40।
स्मृति-सूत्र: "समस्थानिक — स्थान (परमाणु क्रमांक) एक; समभारिक — भार (द्रव्यमान) एक।"
एक परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) = एक कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग।
🧠 सक्रिय स्मरण: सोडियम का Z = 11, A = 23 है। न्यूट्रॉन कितने? (12) न्यूट्रॉन किसने खोजा? (चैडविक)
4. आवर्त सारणी — चार वैज्ञानिकों की कहानी
डॉबेराइनर (त्रिक): तीन-तीन समान तत्वों के समूह — Li, Na, K; Ca, Sr, Ba; Cl, Br, I।
न्यूलैंड्स (अष्टक नियम): संगीत के सुरों की तरह हर आठवाँ तत्व पहले जैसा — केवल कैल्सियम तक चला।
मेंडेलीफ़: तत्वों को परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में रखा और खाली स्थान छोड़े। उन्होंने एका-बोरॉन (स्कैंडियम), एका-ऐलुमिनियम (गैलियम) और एका-सिलिकॉन (जर्मेनियम) की भविष्यवाणी की।
मोज़ले (1913): परमाणु क्रमांक ही असली आधार है। आधुनिक आवर्त नियम: तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं।
आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह (ऊर्ध्वाधर) और 7 आवर्त (क्षैतिज) हैं। आवर्त में बाएँ से दाएँ परमाणु का आकार घटता है; समूह में नीचे जाने पर बढ़ता है। उत्कृष्ट गैसें समूह 18 में हैं।
तत्व का स्थान कैसे खोजें: कोशों की संख्या = आवर्त; संयोजकता इलेक्ट्रॉनों से समूह (1 → समूह 1, 2 → समूह 2, 3 से 8 → समूह 10 + संयोजकता इलेक्ट्रॉन)। क्लोरीन (2, 8, 7) → आवर्त 3, समूह 17।
🧠 सक्रिय स्मरण: एका-ऐलुमिनियम कौन-सा तत्व है? (गैलियम) समूह कितने हैं? (18)
5. रासायनिक अभिक्रियाएँ
रासायनिक परिवर्तन में नया पदार्थ बनता है — जंग लगना, जलना, दूध का फटना। पिघलना और घुलना भौतिक परिवर्तन हैं।
पाँच प्रकार जानिए:
संयोजन: CaO + H2O → Ca(OH)2 (बिना बुझे चूने से बुझा चूना; ऊष्मा निकलती है)।
वियोजन: गर्म करने पर CaCO3 → CaO + CO2; धूप में 2AgCl → 2Ag + Cl2 (श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफ़ी में उपयोग); जल के विद्युत-अपघटन से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन आयतन में 2 : 1।
विस्थापन: Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu (नीला विलयन हल्का हरा हो जाता है)।
द्विविस्थापन: Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4 (सफ़ेद अवक्षेप) + 2NaCl।
रेडॉक्स (उपचयन-अपचयन): CuO + H2 → Cu + H2O। हाइड्रोजन ऑक्सीजन लेती है (ऑक्सीकरण); कॉपर ऑक्साइड ऑक्सीजन खोता है (अपचयन)।
ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ ऊष्मा देती हैं (श्वसन, दहन)। ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ ऊष्मा सोखती हैं (कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन)।
संक्षारण: लोहे पर जंग तभी लगती है जब वायु और जल दोनों हों; जंग जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड है। चाँदी काली पड़ती है (सिल्वर सल्फ़ाइड); ताँबे पर हरी परत (क्षारकीय कॉपर कार्बोनेट)।
विकृतगंधिता (Rancidity): तेल-वसा का ऑक्सीकरण होने से स्वाद और गंध बिगड़ जाते हैं। इसे रोकने के लिए चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन भरी जाती है।
सफ़ेदी: दीवार पर बुझा चूना वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से कैल्सियम कार्बोनेट बनाता है, जो चमक देता है।
🧠 सक्रिय स्मरण: CuO + H2 → Cu + H2O में किसका अपचयन होता है? (CuO) चिप्स के पैकेट में कौन-सी गैस भरी जाती है? (नाइट्रोजन)
6. अम्ल, क्षारक और लवण
अम्ल खट्टे होते हैं और नीले लिटमस को लाल करते हैं। क्षारक कड़वे, साबुन जैसे चिकने होते हैं और लाल लिटमस को नीला करते हैं। लिटमस लाइकेन से मिलता है।
सूचक: फ़ीनॉल्फ़्थेलिन — अम्ल में रंगहीन, क्षारक में गुलाबी। मेथिल ऑरेंज — अम्ल में लाल, क्षारक में पीला। हल्दी क्षारक में लाल-भूरी हो जाती है। प्याज़, वेनिला और लौंग का तेल गंधीय सूचक हैं।
pH पैमाना: 0 से 14। 7 से कम अम्लीय, 7 उदासीन, 7 से अधिक क्षारकीय। हमारा शरीर pH 7.0 से 7.8 के बीच काम करता है। मुँह का pH 5.5 से नीचे जाने पर दाँतों का क्षय शुरू होता है।
प्राकृतिक अम्ल (बहुत महत्वपूर्ण):
सिरका → ऐसीटिक अम्ल
संतरा, नींबू → सिट्रिक अम्ल
इमली → टार्टरिक अम्ल
टमाटर → ऑक्सैलिक अम्ल
खट्टा दूध (दही) → लैक्टिक अम्ल
चींटी का डंक, नेटल का डंक → मेथेनॉइक अम्ल
स्मृति-सूत्र: "इमली की टार्ट, टमाटर का ऑक्स" — इमली = टार्टरिक, टमाटर = ऑक्सैलिक; यही दो सबसे ज़्यादा उलझते हैं।
मधुमक्खी या चींटी का डंक अम्लीय है, इसलिए खाने का सोडा जैसा दुर्बल क्षारक राहत देता है। मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) प्रतिअम्ल है। हमेशा अम्ल को धीरे-धीरे जल में डालें, जल को अम्ल में कभी नहीं।
रोज़मर्रा के लवण:
साधारण नमक — NaCl
खाने का सोडा — NaHCO3 (प्रतिअम्ल, बेकिंग; बेकिंग पाउडर = खाने का सोडा + टार्टरिक अम्ल)
धावन सोडा — Na2CO3·10H2O (जल की स्थायी कठोरता हटाता है)
विरंजक चूर्ण — CaOCl2 (शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन; पेयजल को रोगाणुमुक्त करता है)
प्लास्टर ऑफ़ पेरिस — CaSO4·½H2O (जिप्सम को 373 K पर गर्म करके; जल मिलाने पर कठोर हो जाता है)
जिप्सम — CaSO4·2H2O
नीला थोथा — CuSO4·5H2O (क्रिस्टलन जल के कारण नीला)
क्लोर-क्षार प्रक्रिया: ब्राइन के विद्युत-अपघटन से सोडियम हाइड्रॉक्साइड, क्लोरीन और हाइड्रोजन मिलते हैं।
क्रिस्टलन जल का स्मृति-सूत्र: "जिप्सम पिए 2 गिलास, प्लास्टर ऑफ़ पेरिस सिर्फ़ आधा; नीला थोथा 5, धावन सोडा 10।"
🧠 सक्रिय स्मरण: इमली में कौन-सा अम्ल है? (टार्टरिक) प्लास्टर ऑफ़ पेरिस का सूत्र? (CaSO4·½H2O)
7. धातु और अधातु
धातुएँ चमकीली, आघातवर्ध्य, तन्य, ध्वानिक और अच्छी चालक होती हैं। अधातुएँ सामान्यतः इसके उलट होती हैं। परीक्षा को अपवाद प्रिय हैं:
पारा — एकमात्र द्रव धातु। ब्रोमीन — द्रव अधातु।
गैलियम और सीज़ियम हथेली पर पिघल जाते हैं।
सोडियम, पोटैशियम और लीथियम इतने नरम हैं कि चाकू से कट जाते हैं; सोडियम और पोटैशियम केरोसिन में रखे जाते हैं। श्वेत फ़ॉस्फ़ोरस जल में रखा जाता है।
आयोडीन चमकीली अधातु है। ग्रेफ़ाइट विद्युत चालक अधातु है। हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
चाँदी और ताँबा ऊष्मा के सबसे अच्छे चालक हैं; सीसा और पारा कुचालक। सोना और चाँदी सबसे अधिक आघातवर्ध्य और तन्य हैं।
सक्रियता श्रेणी (NCERT): K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > [H] > Cu > Hg > Ag > Au।
स्मृति-सूत्र (हिंदी): "पोटा सोडा कैला मग अलू ज़िंदा फ़ेरा, लेड हो के कॉपर पारा, चाँदी सोना प्यारा" — पोटैशियम, सोडियम, कैल्सियम, मैग्नीशियम, ऐलुमिनियम, जिंक, आयरन, लेड, (हाइड्रोजन), कॉपर, पारा, चाँदी, सोना।
हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ तनु अम्लों से हाइड्रोजन देती हैं; ताँबा, पारा, चाँदी और सोना नहीं देते। धातु ऑक्साइड क्षारकीय, अधातु ऑक्साइड अम्लीय; Al2O3 और ZnO उभयधर्मी। अम्लराज (3 भाग सांद्र HCl : 1 भाग सांद्र HNO3) सोने को घोल देता है।
निष्कर्षण: अधिक अभिक्रियाशील धातुएँ (Na, Mg, Al) विद्युत-अपघटन से; मध्यम धातुएँ (Zn, Fe, Pb) कार्बन द्वारा अपचयन से; पारे जैसी कम अभिक्रियाशील धातुएँ केवल गर्म करके (सिनाबार, HgS)। थर्मिट अभिक्रिया (Fe2O3 + 2Al) से रेल की पटरियाँ जोड़ी जाती हैं।
मिश्रधातुएँ: पीतल = ताँबा + जिंक; काँसा = ताँबा + टिन; सोल्डर = सीसा + टिन; स्टेनलेस स्टील = लोहा + निकेल + क्रोमियम। 22 कैरेट सोना = 22 भाग सोना + 2 भाग ताँबा या चाँदी।
जंग से बचाव: पेंट, तेल-ग्रीस, यशदलेपन (जिंक की परत), मिश्रधातु बनाना। ऐनोडीकरण से ऐलुमिनियम पर ऑक्साइड की मोटी परत बनती है।
🧠 सक्रिय स्मरण: कौन-सी अधातु विद्युत चलाती है? (ग्रेफ़ाइट) काँसा = ताँबा + क्या? (टिन)
8. कार्बन और उसके यौगिक
कार्बन की संयोजकता 4 है (चतुःसंयोजकता) और यह दूसरे कार्बन परमाणुओं से जुड़कर लंबी शृंखलाएँ और वलय बना सकता है (शृंखलन)। इसीलिए यह इतने अधिक यौगिक बनाता है।
अपररूप: हीरा (सबसे कठोर), ग्रेफ़ाइट (चालक) और फ़ुलरीन C-60 (फ़ुटबॉल आकार)।
हाइड्रोकार्बन: ऐल्केन CnH2n+2 (मेथेन CH4, एथेन C2H6), ऐल्कीन CnH2n (एथीन C2H4), ऐल्काइन CnH2n−2 (एथाइन C2H2)। समजातीय श्रेणी के क्रमागत सदस्यों में CH2 (14 u) का अंतर होता है।
संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ नीली ज्वाला से जलते हैं; असंतृप्त पीली कज्जली ज्वाला देते हैं। मेथेन बायोगैस और CNG का प्रमुख घटक है।
एथेनॉल (C2H5OH): दवाओं में उपयोग; विषैले मेथेनॉल मिला औद्योगिक एथेनॉल विकृत ऐल्कोहॉल कहलाता है।
एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH): 5–8% विलयन सिरका है। शुद्ध एथेनॉइक अम्ल 290 K पर पिघलता है और ठंडी सर्दियों में जम जाता है — ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल।
मुख्य अभिक्रियाएँ: एस्टरीकरण (एथेनॉल + एथेनॉइक अम्ल → मीठी गंध वाला एस्टर), साबुनीकरण (एस्टर + NaOH → साबुन), हाइड्रोजनीकरण (वनस्पति तेल + हाइड्रोजन, निकेल उत्प्रेरक → वनस्पति घी)।
साबुन लंबी शृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं। कठोर जल में ये कैल्सियम-मैग्नीशियम लवणों से मैल बनाते हैं; अपमार्जक कठोर जल में भी काम करते हैं।
🧠 सक्रिय स्मरण: एथीन का सूत्र? (C2H4) तेलों के हाइड्रोजनीकरण में कौन-सा उत्प्रेरक? (निकेल)
⚠️ सावधान: परीक्षक का जाल
जाल 1: समस्थानिक बनाम समभारिक
प्रकार: समान नाम (मिलते-जुलते नाम)
जाल वाला प्रश्न: "आर्गन-40 और कैल्सियम-40 समस्थानिक हैं।" — गलत। ये समभारिक हैं (समान द्रव्यमान संख्या, भिन्न तत्व)।
समझदारी: समस्थानिक = स्थान (Z) एक; समभारिक = भार (A) एक।
जाल 2: ऑक्सीकरण किसका?
प्रकार: विपरीत कार्य-कारण (Reverse Causation)
जाल वाला प्रश्न: CuO + H2 → Cu + H2O में "कॉपर ऑक्साइड का ऑक्सीकरण होता है।" — गलत। कॉपर ऑक्साइड ऑक्सीजन खोता है, इसलिए उसका अपचयन होता है; हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण होता है।
समझदारी: जो ऑक्सीजन लेता है उसका ऑक्सीकरण; जो ऑक्सीजन खोता है उसका अपचयन।
जाल 3: "सभी" वाले कथन
प्रकार: लगभग सही कथन / नकारात्मक वाक्यांश
जाल वाला प्रश्न: "सभी धातुएँ कमरे के ताप पर ठोस हैं।" या "कोई अधातु विद्युत नहीं चलाती।" — दोनों गलत (पारा; ग्रेफ़ाइट)।
समझदारी: 'सभी', 'कोई नहीं', 'केवल' पढ़ते ही अपवाद-सूची याद करें: पारा, ब्रोमीन, गैलियम, आयोडीन, ग्रेफ़ाइट, हीरा।
जाल 4: जिप्सम बनाम प्लास्टर ऑफ़ पेरिस
प्रकार: लगभग सही कथन
जाल वाला प्रश्न: "प्लास्टर ऑफ़ पेरिस CaSO4·2H2O है।" — गलत। वह जिप्सम है; प्लास्टर ऑफ़ पेरिस CaSO4·½H2O है।
🔁 भाषाई कंट्रास्ट: हिंदी में ऐसा, अंग्रेज़ी में वैसा
परमाणु क्रमांक — Atomic Number
द्रव्यमान संख्या — Mass Number
समस्थानिक / समभारिक — Isotopes / Isobars
संयोजकता — Valency
ऊर्ध्वपातन — Sublimation
अपकेंद्रण / वर्णलेखन — Centrifugation / Chromatography
ऑक्सीकरण (उपचयन) / अपचयन — Oxidation / Reduction
संक्षारण / विकृतगंधिता — Corrosion / Rancidity
खाने का सोडा / धावन सोडा — Baking Soda / Washing Soda
विरंजक चूर्ण — Bleaching Powder
बिना बुझा चूना / बुझा चूना — Quicklime / Slaked Lime
नीला थोथा / हरा कसीस — Blue Vitriol / Green Vitriol
यशदलेपन — Galvanisation
मिश्रधातु / अयस्क — Alloy / Ore
अम्लराज — Aqua Regia
🔗 स्थैतिक-गतिशील कड़ी (Static-Dynamic Link)
इस अध्याय की क्लोर-क्षार प्रक्रिया ही कास्टिक सोडा और क्लोरीन बनाने वाले बड़े उद्योगों का आधार है, और क्लोरीन से पेयजल को रोगाणुमुक्त किया जाता है। CNG (मुख्यतः मेथेन) वही ईंधन है जिससे शहरों में कई बसें और ऑटो चलते हैं — जब प्रश्न "वाहनों के स्वच्छ ईंधन" को किसी गैस से जोड़े, तो उत्तर मेथेन है, ब्यूटेन (LPG) नहीं।
📊 हाई-यील्ड तथ्य और आँकड़े (एक नज़र में)
तथ्य | आँकड़ा / विवरण
बर्फ़ का पिघलना / जल का उबलना | 273 K / 373 K
उदासीन pH | 7
दाँतों का क्षय शुरू | pH 5.5 से नीचे
शरीर काम करता है | pH 7.0 से 7.8
आधुनिक आवर्त सारणी में समूह / आवर्त | 18 / 7
K, L, M कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन | 2, 8, 18 (2n²)
जल का विद्युत-अपघटन, H2 : O2 आयतन में | 2 : 1
अम्लराज, HCl : HNO3 | 3 : 1
सिरका | 5–8% ऐसीटिक अम्ल
आभूषणों का सोना | 22 कैरेट (22 भाग सोना + 2 भाग Cu/Ag)
क्रिस्टलन जल | धावन सोडा 10, नीला थोथा 5, जिप्सम 2, प्लास्टर ऑफ़ पेरिस ½
न्यूट्रॉन की खोज | 1932, जेम्स चैडविक
📋 सारांश तालिका
विषय | ज़रूर याद रखें
पदार्थ | K = °C + 273; ऊर्ध्वपातन; वाष्पीकरण से ठंडक
मिश्रण | अपकेंद्रण-क्रीम, वर्णलेखन-स्याही, ऊर्ध्वपातन-NH4Cl
परमाणु | टॉमसन-इलेक्ट्रॉन, गोल्डस्टीन-केनाल किरणें, चैडविक-न्यूट्रॉन
क्रमांक व द्रव्यमान | समस्थानिक में Z समान; समभारिक में A समान
आवर्त सारणी | मोज़ले, परमाणु क्रमांक, 18 समूह, 7 आवर्त
अभिक्रियाएँ | 5 प्रकार; ऑक्सीजन लेना = ऑक्सीकरण
अम्ल-क्षारक | pH 7 उदासीन; प्राकृतिक अम्ल-सूची; सूचकों के रंग
लवण | NaHCO3, Na2CO3·10H2O, CaOCl2, CaSO4·½H2O
धातु | अपवाद-सूची; सक्रियता श्रेणी; मिश्रधातुएँ
कार्बन | शृंखलन, अपररूप, CnH2n+2 / CnH2n / CnH2n−2, साबुन
📅 रिवीजन प्लानर: तीन स्तरीय ब्लर्टिंग
🔴 2 दिन बाद: खाली पन्ने पर सक्रियता श्रेणी, प्राकृतिक अम्लों की सूची और पाँच लवणों के सूत्र लिखिए। फिर जाँचकर सुधारिए।
🟡 साप्ताहिक (दिन 7): याद से परमाणु-खोज की समय-रेखा (डाल्टन → टॉमसन → गोल्डस्टीन → रदरफ़ोर्ड → बोर → चैडविक) और आवर्त सारणी की समय-रेखा (डॉबेराइनर → न्यूलैंड्स → मेंडेलीफ़ → मोज़ले) बनाइए। चारों जाल लिखिए।
🟢 मासिक (दिन 30): बिना नोट्स के एक प्रैक्टिस सेट हल कीजिए। हर गलत उत्तर के आगे जाल का प्रकार लिखिए। फिर पूरा अध्याय 10 मिनट में ब्लर्ट कीजिए।
इसे 2 दिन बाद दोहराएँ। परीक्षा का रसायन हर सूत्र रटने का नाम नहीं — बार-बार लौटने वाले मुख्य तथ्य और सबको फँसाने वाले अपवाद जानने का नाम है। अब आप दोनों जानते हैं।