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किताबें › गणित · 10वीं स्तर

अध्याय 13

मिश्रण और पृथ्थीकरण

AI की मदद से लिखा · समीक्षा बाकी

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📖 मिश्रण और पृथक्करण

इस अध्याय की रूपरेखा और सीखने के लक्ष्य

इस अध्याय में हम सीखेंगे:

एलिगेशन (पृथक्करण) का क्रॉस कैसे बनाएँ और अनुपात निकालें

भारित औसत का मिश्रण से गहरा संबंध

प्रतिस्थापन (Replacement) के सवालों का सुनहरा सूत्र

मिश्रणों का मिश्रण कैसे हल करें

लाभ-हानि और औसतों में एलिगेशन की चाल

लक्ष्य: इस अध्याय के अंत तक, आप मिश्रण का कोई भी प्रश्न 30 सेकंड से कम समय में हल कर पाएँगे।

दूधवाले का राज़

कल्पना कीजिए, एक चालाक दूधवाला है। उसके पास शुद्ध दूध है जिसकी कीमत ₹50 प्रति लीटर है। वह उसमें थोड़ा पानी (कीमत ₹0 प्रति लीटर) मिला देता है। अगर वह इस मिलावटी दूध को भी ₹50 प्रति लीटर पर बेच दे, तो ग्राहक को शक नहीं होगा, लेकिन उसका मुनाफ़ा आसमान छूने लगेगा। क्यों? क्योंकि मिश्रण का एक हिस्सा मुफ़्त का पानी था। अब एक चौंकाने वाला तथ्य सुनिए: *आप ठीक-ठीक बता सकते हैं कि उसने कितना पानी मिलाया — बिना किसी x या y के, सिर्फ़ 30 सेकंड में, उसी तकनीक से जो सदियों से व्यापारी इस्तेमाल करते आए हैं।* यह तकनीक है पृथक्करण यानी एलिगेशन। इस अध्याय के बाद, आप दूधवाले से भी तेज़ हो जाएँगे।

🧠 *आगे पढ़ने से पहले: अगर दूधवाला 7 लीटर दूध में 3 लीटर पानी मिलाकर पूरा 10 लीटर ₹50/लीटर बेचे, तो उसे शुद्ध 10 लीटर दूध बेचने की तुलना में कितना फ़ायदा होगा? (इसे मन में रखिए।)*

यह परेशानी असली है — और आज खत्म होगी

अगर आपका दिल बैठ जाता है जब आप पढ़ते हैं, "₹40 प्रति किलो वाले चावल को ₹60 प्रति किलो वाले चावल के साथ किस अनुपात में मिलाएँ कि मिश्रण का मूल्य ₹52 प्रति किलो हो जाए?", तो आप अकेले नहीं हैं। ज़्यादातर विद्यार्थी मिश्रण और पृथक्करण को एक अंदाज़े का खेल समझते हैं। कुछ समीकरण बनाने की कोशिश करते हैं, चरों (variables) में उलझ जाते हैं, और कीमती मिनट बर्बाद कर बैठते हैं।

लेकिन यह सच है: परीक्षक नहीं चाहते कि आप समीकरण बनाएँ। वे जाँचना चाहते हैं कि क्या आप उस शॉर्टकट का इस्तेमाल कर सकते हैं जो वज़न, मिश्रण, और यहाँ तक कि लाभ-हानि में भी काम करता है। जैसे ही आप पैटर्न देख लेंगे, ये सवाल आपको बिल्कुल पूर्वानुमेय — लगभग उबाऊ — लगने लगेंगे।

एक गहरी साँस लीजिए। यह अध्याय आपकी उलझन को एक सरल, देखने में आसान औज़ार से बदलने वाला है। अब कोई डर नहीं।

मिलिए एलिगेशन क्रॉस से — आपकी नई महाशक्ति

हमारे पास दो चीज़ें हैं: एक सस्ती (C), एक महँगी (D)। हमें इन्हें मिलाकर एक औसत मूल्य (M) प्राप्त करना है। जादुई पृथक्करण नियम हमें वह अनुपात देता है जिसमें ये मिलाई जाएँगी:

(सस्ती की मात्रा) : (महँगी की मात्रा) = (D – M) : (M – C)

जी हाँ, बस तिरछा घटाइए। एक क्रॉस बनाइए:

    C          D
     \        /
        M
     /        \
  (D–M)    (M–C)

अनुपात अपने आप आपके हाथ में आ जाता है। न कोई सूत्र, न कोई तनाव।

🧠 एक्टिव रिकॉल: स्क्रीन ढक लीजिए। अनुपात के बाईं ओर क्या आता है — D–M या M–C? और सस्ती वाली चीज़ के लिए इनमें से कौन सा होता है? अब देखिए।

"चाचा, डिब्बा मत चुराओ" — वह मज़ेदार ट्रिक जो कभी नहीं भूलेगी

एलिगेशन क्रॉस में सबसे बड़ी गलती यह होती है: कौन सा अंतर किस चीज़ की मात्रा बताता है? इसे हमेशा के लिए याद रखने के लिए एक मज़ेदार स्मृति-ट्रिक:

एक अजीब सी तस्वीर बनाइए: एक गाय (सस्ती) के गले में एक तख्ती लटकी है जिस पर लिखा है "D–M"। और एक हिरण (महँगी — Deer) के गले में तख्ती है "M–C"। मतलब, गाय हिरण का अंतर पढ़ रही है, और हिरण गाय का। सस्ती की मात्रा = D–M, महँगी की मात्रा = M–C।

या एक और तरीका: "चाचा, डिब्बा मत चुराओ" का हर शब्द:

चा — चारों ओर से: जो अंतर D और M का है (D–M), वो C (सस्ती) को जाता है।

डि — डिमांड: जो अंतर M और C का है (M–C), वो D (महँगी) को जाता है।

थोड़ा बेतुका है, लेकिन अब आप यह कभी नहीं भूलेंगे कि अंतर तिरछा जाता है — बायाँ अंतर दाएँ को, दायाँ अंतर बाएँ को।

भारित औसत — वह माँ अवधारणा जिससे सब जन्मा

पृथक्करण कुछ और नहीं, सिर्फ़ भारित औसत (Weighted Average) का ही उल्टा रूप है। जब आप 2 किलो ₹40/किलो वाले चावल और 3 किलो ₹60/किलो वाले चावल मिलाते हैं, तो औसत मूल्य = (2×40 + 3×60) / (2+3) = 260/5 = ₹52/किलो। एलिगेशन क्रॉस बस इसका उल्टा करता है: अगर औसत दिया हो, तो वज़न (मात्राएँ) निकालता है।

तो अगर प्रश्न कहे, "एक दुकानदार ₹15 और ₹20 प्रति किलो वाली दो दालों को किस अनुपात में मिलाए कि मिश्रण ₹16.50 प्रति किलो बिके?" आप क्रॉस खींचिए, घटाइए, और हो गया। ₹15 वाली और ₹20 वाली का अनुपात = (20 – 16.50) : (16.50 – 15) = 3.50 : 1.50 = 7:3। बस। एक भी समीकरण नहीं बना, कोई x-y नहीं सताया।

🧠 रिकॉल प्रॉम्प्ट: दो द्रवों का मिश्रण ₹30/लीटर है। सस्ता द्रव ₹24/लीटर, महँगा द्रव ₹36/लीटर है। बिना पेन उठाए, अनुपात बताइए।

प्रतिस्थापन के सवाल — "निकालो और भरो" का नाच

एक क्लासिक जाल: "एक बर्तन में 40 लीटर दूध है। 4 लीटर निकालकर पानी भर दिया जाता है। यह प्रक्रिया कुल तीन बार दोहराई जाती है। बर्तन में कितना दूध बचा?" विद्यार्थी घबरा जाते हैं और कदम-दर-कदम गंदी गणनाएँ शुरू कर देते हैं। लेकिन एक सुनहरा सूत्र है:

n बार ऐसी प्रक्रिया के बाद शुद्ध पदार्थ की मात्रा = प्रारंभिक मात्रा × [1 – (हर बार निकाली गई मात्रा / कुल मात्रा)]^n

यहाँ, बचा दूध = 40 × (1 – 4/40)^3 = 40 × (0.9)^3 = 40 × 0.729 = 29.16 लीटर। खत्म। ध्यान दें कि हर बार समान मात्रा निकाली जाती है। अगर अलग-अलग मात्राएँ निकाली जाएँ, तो क्रम से लगाएँ, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में आमतौर पर समान मात्रा ही निकाली जाती है।

🧠 रिकॉल: एक जार में 80 लीटर ऐल्कोहॉल है। 8 लीटर निकालकर पानी भरने की प्रक्रिया 2 बार होती है। बची ऐल्कोहॉल की मात्रा बताइए। सूत्र का प्रयोग कीजिए।

प्रतिस्थापन सूत्र के लिए स्मृति-ट्रिक

[1 – x/कुल]^n वाले इस सूत्र को याद रखने के लिए, एक शरारती बंदर की कल्पना कीजिए जो हर बार आपके पढ़ने के धैर्य का एक हिस्सा चुराकर उसकी जगह दिवास्वप्न भर देता है।

"प्रारंभिक धैर्य × (1 – ध्यान भटकने का अंश)^पढ़ाई के सत्र"

जो अंश निकाला गया, उसकी जगह दिवास्वप्न भर दिया गया। मज़ेदार है, लेकिन दिमाग में चिपक जाता है।

जब मिश्रणों का मिश्रण आपको भ्रमित करे

कभी-कभी आपको दो ऐसे मिश्रण मिलाने होते हैं जिनमें पहले से ही चीज़ें अलग-अलग अनुपात में हैं। जैसे, बर्तन A में दूध और पानी 2:3 के अनुपात में है, बर्तन B में 4:1 के अनुपात में है। इन्हें मिलाकर एक ऐसा मिश्रण बनाना है जिसमें अनुपात 1:1 हो जाए। दोनों बर्तनों से कितनी मात्रा लें?

बस किसी एक घटक की सांद्रता (concentration) निकालिए। मान लीजिए दूध की: A में दूध = 2/5, B में दूध = 4/5। लक्ष्य मिश्रण में दूध = 1/2। अब इन भिन्नों (2/5, 4/5, और 1/2) पर एलिगेशन लगाइए। LCM से गुणा करके भिन्न हटा सकते हैं। अनुपात = (4/5 – 1/2) : (1/2 – 2/5) = (3/10) : (1/10) = 3:1। तो A से 3 भाग और B से 1 भाग लीजिए। साफ़-सुथरा।

🧠 एक्टिव रिकॉल: अगर बर्तन A में दूध:पानी = 2:3 है, तो पानी की सांद्रता क्या है? और हमने दूध की सांद्रता पर एलिगेशन क्यों लगाया, पानी पर क्यों नहीं? (हम किसी पर भी लगा सकते हैं; अनुपात वही आएगा।)

अशुद्ध मिश्रण और पैसे का खेल

पृथक्करण सिर्फ़ द्रवों के लिए नहीं है। यह लाभ प्रतिशत, औसत अंक, यहाँ तक कि उम्र के मिश्रण में भी काम करता है। मसलन, एक दुकानदार दो किस्म की चाय मिलाता है: एक ₹130/किलो लागत वाली जिस पर 20% लाभ होता है, दूसरी ₹180/किलो वाली जिस पर 12% लाभ होता है। अगर मिश्रण पर 15% लाभ कमाना हो, तो अनुपात बताइए।

⚠️ सावधानी: लाभ प्रतिशत का एलिगेशन सीधे तभी करें जब दोनों चीज़ों का क्रय मूल्य समान हो। अगर क्रय मूल्य अलग-अलग हैं, तो पहले प्रति किलो लाभ की रकम निकालें (मान लीजिए ₹100 को आधार बनाकर), फिर एलिगेशन लगाएँ। परीक्षा में अक्सर वे ऐसी स्थिति देते हैं जहाँ क्रय मूल्य समान हों या फिर वे सीधे औसत लाभ% पूछते हों। Foundation स्तर पर, हम सुरक्षित तरीका अपनाएँगे: पहले वास्तविक लाभ राशि प्रति किलो निकालें, फिर एलिगेशन। यहाँ, पहली चाय पर लाभ = 130 का 20% = ₹26/किलो, दूसरी पर = 180 का 12% = ₹21.60/किलो। मिश्रण का लाभ = जो भी औसत क्रय मूल्य बने, उस पर 15%। यह थोड़ा चक्करदार है, इसलिए Foundation में ऐसे प्रश्न कम आते हैं। अभी के लिए इतना याद रखें: लाभ% के एलिगेशन में, सुनिश्चित करें कि आधार (क्रय मूल्य) समान हो।

सारांश तालिका

अवधारणामुख्य विचार
एलिगेशन क्रॉसमात्राओं का अनुपात = (D – M) : (M – C)
भारित औसतऔसत = (w1×p1 + w2×p2) / (w1+w2)
प्रतिस्थापन सूत्रशुद्ध बचा = मूल मात्रा × (1 – निकाली गई/कुल)^n
मिश्रणों का मिश्रणहर मिश्रण में एक घटक की सांद्रता निकालें, फिर एलिगेशन
लाभ% के साथ सावधानीक्रय मूल्य समान होने पर ही सीधे लाभ% का एलिगेशन करें

दो दिन बाद...

आज आपने ढेर सारा ज्ञान अर्जित किया। लेकिन मस्तिष्क उसे त्याग देता है जिसे वह दोबारा नहीं छूता। दो दिन बाद, वापस आइए और सिर्फ़ तीन काम कीजिए:

एलिगेशन क्रॉस दोबारा बनाइए और अनुपात का नियम याद कीजिए।

प्रतिस्थापन सूत्र से एक सवाल हल कीजिए।

किसी दोस्त को समझाइए कि "गाय हिरण का अंतर क्यों पढ़ती है" — यानी अंतर तिरछा क्यों जाता है।

यह छोटी सी पुनरावृत्ति इस अध्याय को आपकी दीर्घकालिक स्मृति में बंद कर देगी। फिर मिलेंगे — आप एक पृथक्करण कलाकार बनने की राह पर हैं।

450 सवाल · मिश्रण और एलिगेशन