चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)
सीखने के लक्ष्य
इस अध्याय के अंत तक आप सक्षम होंगे:
- कितने भी वर्षों के लिए मिश्रधन (Amount) और चक्रवृद्धि ब्याज निकालना।
- अर्धवार्षिक (Half-yearly) और त्रैमासिक (Quarterly) चक्रवृद्धि को संभालना।
- चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज का अंतर कुछ ही सेकंड में निकालना।
- मिश्रधन दिया हो तो दर या समय निकालना।
- उसी सूत्र को जनसंख्या वृद्धि और मूल्यह्रास (Depreciation) पर लागू करना।
शुरुआत: ब्याज पर ब्याज
बैंक में ₹10,000 को 10% वार्षिक दर पर जमा करें। साधारण ब्याज (Simple Interest) में आपको हर साल ₹1,000 मिलते हैं — दो साल में ₹2,000। चक्रवृद्धि ब्याज में पहले साल का ₹1,000 आपके पैसे में जुड़ जाता है, इसलिए दूसरे साल आपको ₹11,000 का 10% = ₹1,100 मिलता है। कुल: ₹2,100। यह अतिरिक्त ₹100 ही ब्याज पर ब्याज है — और कई वर्षों में यह बर्फ़ की गोली (snowball) की तरह बढ़ता जाता है।
विद्यार्थी कहाँ फँसते हैं
- आदत से साधारण ब्याज का सूत्र लगा देते हैं।
- अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि में दर आधी और समय दोगुना करना भूल जाते हैं।
- 2 और 3 वर्षों के लिए शॉर्टकट लगाने के बजाय लंबे गुणन करते हैं।
🧠 सक्रिय स्मरण (Active Recall): ऊपर के उदाहरण में दूसरे साल का ब्याज ₹1,000 की जगह ₹1,100 क्यों है?
खंड 1: मुख्य सूत्र
मिश्रधन A = P (1 + R/100)ⁿ और CI = A − P
जहाँ P = मूलधन (Principal), R = वार्षिक दर प्रतिशत, n = वर्षों की संख्या।
उदाहरण: P = ₹8,000, R = 5%, n = 2 वर्ष।
A = 8000 × (21/20)² = 8000 × 441/400 = ₹8,820। CI = ₹820।
खंड 2: साल में एक से अधिक बार चक्रवृद्धि
| चक्रवृद्धि | प्रति अवधि दर | अवधियों की संख्या |
|---|---|---|
| वार्षिक | R | n |
| अर्धवार्षिक | R/2 | 2n |
| त्रैमासिक | R/4 | 4n |
उदाहरण: ₹10,000, 1 वर्ष, 20% दर, अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि → 2 अवधियों के लिए 10% → A = 10000 × (1.1)² = ₹12,100, CI = ₹2,100 (₹2,000 नहीं)।
🧠 सक्रिय स्मरण: 12% दर पर 1 वर्ष के लिए त्रैमासिक चक्रवृद्धि में प्रति अवधि दर और अवधियों की संख्या क्या होगी?
खंड 3: CI − SI के शॉर्टकट
- 2 वर्ष: CI − SI = P (R/100)²
- 3 वर्ष: CI − SI = P (R/100)² (3 + R/100)
उदाहरण: P = ₹5,000, R = 10%, 2 वर्ष → 5000 × (1/10)² = ₹50।
खंड 4: दर या समय निकालना
यदि 2 वर्षों के लिए A/P एक पूर्ण वर्ग है, तो वर्गमूल लें: ₹6,250 दो वर्षों में ₹7,840 हो जाता है → (1 + R/100)² = 7840/6250 = 784/625 → 1 + R/100 = 28/25 → R = 12%।
चक्रवृद्धि ब्याज पर जो राशि n वर्षों में दोगुनी होती है, वह 2n वर्षों में 4 गुनी और 3n वर्षों में 8 गुनी हो जाती है।
खंड 5: वृद्धि और मूल्यह्रास
- n वर्षों बाद जनसंख्या = P (1 + R/100)ⁿ
- n वर्षों बाद मशीन का मूल्य = P (1 − R/100)ⁿ
स्मरण-सूत्र — "PRN-A": मूलधन (Principal), दर (Rate), n वर्ष → मिश्रधन (Amount)। वृद्धि में R जुड़ता है, मूल्यह्रास में R घटता है।
सारांश तालिका
| स्थिति | सूत्र |
|---|---|
| मिश्रधन | P (1 + R/100)ⁿ |
| चक्रवृद्धि ब्याज | A − P |
| अर्धवार्षिक | दर R/2, अवधियाँ 2n |
| CI − SI, 2 वर्ष | P (R/100)² |
| CI − SI, 3 वर्ष | P (R/100)² (3 + R/100) |
| मूल्यह्रास | P (1 − R/100)ⁿ |
📅 इस अध्याय को 2 दिन बाद दोहराएँ, फिर टाइमर लगाकर एक अभ्यास सेट हल करें।
⚠️ सावधानी: परीक्षक का जाल
- छद्म रूप में साधारण ब्याज: साधारण ब्याज के बराबर विकल्प हमेशा मौजूद होता है। पहले वर्ष के बाद चक्रवृद्धि ब्याज बड़ा होता है।
- अर्धवार्षिक भ्रम: अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि में वार्षिक दर लगाने से छोटा उत्तर आता है, जो विकल्पों में रखा होता है।
- मिश्रधन बनाम ब्याज: प्रश्न ब्याज पूछता है, पर विकल्प में मिश्रधन दिखता है — मूलधन घटाना न भूलें।