लाभ और हानि (Profit & Loss)
अध्याय की रूपरेखा और सीखने के उद्देश्य
इस अध्याय को पढ़ने के बाद आप सक्षम होंगे:
- क्रय मूल्य (CP), विक्रय मूल्य (SP), अंकित मूल्य (MP) और छूट (Discount) के बीच के संबंध को एक नज़र में पहचानना।
- लाभ% और हानि% को किसी भी आधार (CP या SP) पर सटीक निकालना।
- बराबर लाभ-हानि वाली बिक्री, बेईमान तौल (Dishonest Dealer), क्रमिक छूट (Successive Discount) जैसी Advanced परिस्थितियों को सेकंडों में सुलझाना।
- परीक्षक के सबसे आम जालों — जैसे "SP पर लाभ%" और "CP पर लाभ%" का भ्रम — को पहचानकर बचना।
हुक: वो दुकानदार जो "बिना लाभ" बेचकर भी अमीर बन गया
एक कस्बे में एक किराना व्यापारी था जो हर ग्राहक से कहता — "भाई, मैं तो लागत मूल्य पर ही बेचता हूँ, एक पैसा लाभ नहीं!" ग्राहक खुश, दुकानदार खुश। लेकिन साल के अंत में उसी दुकानदार ने नई गाड़ी खरीद ली। राज़? वह 1 किलो के बट्टे की जगह 900 ग्राम का बट्टा इस्तेमाल करता था। "कोई लाभ नहीं" कहते हुए भी वह हर बिक्री पर लगभग 11% कमा रहा था!
यही कहानी इस पूरे अध्याय की आत्मा है — लाभ-हानि में जो दिखता है, वही होता है, यह ज़रूरी नहीं। परीक्षक भी ठीक यही खेल खेलता है। आइए, उसके पत्ते पहले से पढ़ लेते हैं।
आम समस्या: "सूत्र तो याद है, फिर भी गलत क्यों?"
ज़्यादातर छात्रों की शिकायत एक जैसी होती है — "Profit% = (Profit/CP) × 100 तो रटा हुआ है, फिर भी सवाल गलत हो जाता है।" वजह? सवाल में CP नहीं, SP दिया होता है; या दो वस्तुएँ एक ही दाम पर बेची जाती हैं; या छूट अंकित मूल्य पर है जबकि लाभ क्रय मूल्य पर। यानी सूत्र याद होना काफी नहीं — आधार (base) पहचानना असली कौशल है।
इस अध्याय में हम हर अवधारणा को छोटे टुकड़ों में तोड़ेंगे, ताकि आप किसी भी छद्मवेशी सवाल को पहचान सकें।
टुकड़ा 1: तीन मूल्यों की त्रिमूर्ति — CP, SP, MP
क्रय मूल्य (Cost Price, CP): वह राशि जिस पर विक्रेता ने वस्तु खरीदी। यह लाभ-हानि की गणना का डिफ़ॉल्ट आधार है — जब तक सवाल साफ़ न कहे, प्रतिशत हमेशा CP पर निकाली जाती है।
विक्रय मूल्य (Selling Price, SP): वह राशि जिस पर वस्तु वास्तव में बिकी।
अंकित मूल्य (Marked Price, MP): वस्तु पर लिखा दाम, जिस पर छूट दी जाती है। याद रखें — छूट हमेशा MP पर, लाभ हमेशा CP पर।
मूल संबंध:
- लाभ = SP − CP (जब SP > CP)
- हानि = CP − SP (जब CP > SP)
- लाभ% = (लाभ / CP) × 100
- हानि% = (हानि / CP) × 100
🧠 Active Recall: बिना ऊपर देखे बताइए — (1) लाभ% का आधार क्या है? (2) छूट किस मूल्य पर दी जाती है? (3) यदि CP = ₹400 और SP = ₹460, तो लाभ% कितना? (उत्तर: 15%)
टुकड़ा 2: गुणक (Multiplier) की सोच — कैलकुलेशन का शॉर्टकट
Advanced स्तर पर प्रतिशत से ज़्यादा तेज़ है गुणक सोच:
- 20% लाभ ⇒ SP = CP × 1.20
- 15% हानि ⇒ SP = CP × 0.85
- 25% छूट ⇒ SP = MP × 0.75
इससे दो-चरण वाले सवाल एक लाइन में बन जाते हैं। उदाहरण: एक विक्रेता MP पर 20% छूट देकर भी 20% लाभ कमाता है। तो MP × 0.80 = CP × 1.20 ⇒ MP = 1.5 × CP। यानी उसने लागत से 50% अधिक मूल्य अंकित किया था।
उल्टी चाल भी जानें: यदि SP पर लाभ 20% है, तो CP पर लाभ = 20/80 × 100 = 25%। नियम: SP पर x% लाभ = CP पर (x/(100−x))×100% लाभ।
🧠 Active Recall: MP पर 10% छूट देकर 8% लाभ कमाने के लिए MP और CP का अनुपात क्या होगा? (संकेत: 0.90 × MP = 1.08 × CP ⇒ MP : CP = 6 : 5)
टुकड़ा 3: क्लासिक जाल — दो वस्तुएँ, एक ही विक्रय मूल्य
परीक्षाओं का सर्वप्रिय सवाल: "दो वस्तुएँ ₹X-₹X में बेची गईं; एक पर 20% लाभ, दूसरी पर 20% हानि। कुल परिणाम?"
अंतर्ज्ञान कहता है "कोई लाभ-हानि नहीं" — और यही गलत है! जब दो वस्तुएँ समान SP पर बेची जाएँ और लाभ% = हानि% = x, तो हमेशा हानि होती है:
कुल हानि% = x²/100
तो x = 20 पर हानि = 4%। क्यों? क्योंकि हानि वाली वस्तु का CP ज़्यादा होता है, इसलिए हानि की राशि लाभ की राशि से बड़ी हो जाती है।
🧠 Active Recall: दो घड़ियाँ ₹990-₹990 में बेचीं, एक पर 10% लाभ, दूसरी पर 10% हानि। कुल हानि%? (उत्तर: 1%)
टुकड़ा 4: बेईमान तौल — हुक वाली कहानी का गणित
दुकानदार 1 किलो (1000 ग्राम) की जगह 900 ग्राम तौलता है, लेकिन दाम पूरे 1 किलो का लेता है। मान लें CP = ₹1 प्रति ग्राम:
- उसकी लागत = ₹900, वसूली = ₹1000
- लाभ% = (100/900) × 100 = 11.11%
सामान्य सूत्र: यदि दुकानदार x ग्राम की जगह y ग्राम (y < x) तौले, तो
लाभ% = ((x − y) / y) × 100
ध्यान दें — आधार y है (जो वास्तव में दिया गया), x नहीं। यहीं 90% छात्र फँसते हैं।
🧠 Active Recall: एक दुकानदार 1 किलो की जगह 800 ग्राम तौलता है। उसका लाभ%? (उत्तर: 25%)
टुकड़ा 5: क्रमिक छूट (Successive Discounts)
दो छूटें a% और b% लगातार मिलें, तो समतुल्य एकल छूट:
a + b − (ab/100)
20% + 10% = 30% नहीं, बल्कि 20 + 10 − 2 = 28%। क्योंकि दूसरी छूट घटे हुए मूल्य पर लगती है। गुणक से देखें: 0.80 × 0.90 = 0.72 ⇒ 28% छूट।
टुकड़ा 6: मिश्रित और Advanced परिस्थितियाँ
- CP ज्ञात करना जब SP और लाभ% दिया हो: CP = SP × 100/(100 + लाभ%)।
- SP बदलने पर लाभ% में बदलाव: यदि SP बढ़ाने से लाभ 10% से 15% हो जाए, तो SP में अंतर = CP का 5% — इससे CP सीधे निकल आता है।
- मुफ़्त वस्तु वाली छूट: "4 खरीदें, 1 मुफ़्त" = 5 वस्तुओं पर 1 की छूट = 20% छूट (MP समान मानकर)।
🧠 Active Recall: "3 खरीदें, 1 मुफ़्त" कितने प्रतिशत छूट है? (उत्तर: 25%)
🎯 म्नेमोनिक ट्रिक: "क्र-वि-अं" की सीढ़ी
तीनों मूल्यों को एक सीढ़ी की तरह याद करें —
> "क्रय से विचार, अंकित से उतार"
> (CP पर लाभ-हानि का *विचार*, MP पर छूट का *उतार*)
और दो-वस्तु वाले जाल के लिए:
> "समान बिक्री, प्रतिशत बराबर — वर्ग बटा सौ, हानि ही अमर!"
> (समान SP + बराबर लाभ/हानि% ⇒ हानि% = x²/100)
सारांश तालिका
| अवधारणा | सूत्र / नियम | याद रखें |
|---|---|---|
| लाभ% / हानि% | (लाभ या हानि / CP) × 100 | आधार हमेशा CP (जब तक न कहा जाए) |
| गुणक सोच | SP = CP × (1 ± r/100) | सबसे तेज़ तरीका |
| छूट | SP = MP × (1 − d/100) | छूट MP पर, लाभ CP पर |
| समान SP, x% लाभ + x% हानि | हानि% = x²/100 | हमेशा हानि होती है |
| बेईमान तौल | लाभ% = (कम तौल / दी गई मात्रा) × 100 | आधार = वास्तविक दी गई मात्रा |
| क्रमिक छूट a%, b% | a + b − ab/100 | 20+10 = 28%, 30% नहीं |
| SP पर x% लाभ | CP पर = x/(100−x) × 100% | आधार बदलने का सूत्र |
🔁 दोहराने का निर्देश
इस अध्याय को 2 दिन बाद फिर से पढ़ें — खासकर सारांश तालिका, दो-वस्तु जाल (x²/100) और बेईमान तौल का सूत्र। दोहराते समय पहले 🧠 वाले प्रश्नों के उत्तर बिना देखे देने की कोशिश करें; जो अटके, वही टुकड़ा दोबारा पढ़ें। फिर Practice Set 1 से अभ्यास शुरू करें।