विज्ञान और प्रौद्योगिकी — साइकिल वाले रॉकेट से चाँद के दक्षिणी ध्रुव तक
◆ 21 नवंबर 1963 को केरल में तिरुवनंतपुरम के पास मछुआरों के एक गाँव थुम्बा से एक छोटा साउंडिंग रॉकेट आसमान में गया। वहाँ का एक चर्च शुरुआती दफ़्तर बना, और एक पुरानी तस्वीर में रॉकेट का एक हिस्सा साइकिल पर ले जाया जा रहा है। साठ साल बाद, 23 अगस्त 2023 को भारत का विक्रम लैंडर चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरा — वहाँ इससे पहले कोई देश नहीं उतरा था। साइकिल से चाँद तक की इसी यात्रा में इस अध्याय की पूरी कहानी है: आविष्कार, खोजें, मात्रक, कंप्यूटर, अंतरिक्ष, रक्षा और वे संस्थान जिन्होंने यह सब संभव किया। परीक्षाएँ इस अध्याय को पसंद करती हैं क्योंकि लगभग हर प्रश्न एक साफ़, एक-पंक्ति का तथ्य होता है। इसे अच्छी तरह पढ़ लिया तो यह पक्के अंकों वाला हिस्सा बन जाता है।
आज आप क्या सीखेंगे (सीखने के उद्देश्य)
प्रसिद्ध आविष्कार और खोजें, और उनके पीछे के लोग — मिलते-जुलते नामों में भ्रम के बिना
भारतीय वैज्ञानिक, उनका काम और भारत से जुड़े नोबेल पुरस्कार
SI मात्रक — 7 मूल मात्रक, सामान्य व्युत्पन्न मात्रक और प्रकाश वर्ष, नॉट जैसे विशेष मात्रक
कंप्यूटर की बुनियाद — भाग, स्मृति (मेमोरी), पीढ़ियाँ, डेटा के मात्रक और सामान्य संक्षिप्त रूप
भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम — INCOSPAR (1962) से चंद्रयान-3 (2023), आदित्य-L1 और बाद के मिशनों तक, तिथियों सहित
परमाणु और रक्षा के पड़ाव — पोखरण, BARC, DRDO और उसकी मिसाइलें
प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान और उनके शहर, तथा महत्वपूर्ण "विज्ञान दिवस"
भाग A — आविष्कार और खोजें
1. प्रसिद्ध आविष्कार (आविष्कारक)
टेलीफ़ोन — अलेक्ज़ेंडर ग्राहम बेल (1876)
बिजली का बल्ब (व्यावहारिक तापदीप्त बल्ब) — थॉमस अल्वा एडिसन (1879)
हवाई जहाज़ (पहली इंजन-चालित उड़ान) — राइट बंधु, ऑरविल और विल्बर (1903)
टेलीविज़न (पहला सार्वजनिक प्रदर्शन) — जॉन लोगी बेयर्ड (1926)
रेडियो (बेतार टेलीग्राफ़ी) — गुग्लिएल्मो मार्कोनी
चल धातु-अक्षरों वाली छपाई मशीन — योहानेस गुटेनबर्ग (लगभग 1440)
भाप इंजन (सुधरा हुआ, कुशल रूप) — जेम्स वाट
डायनामाइट — अल्फ्रेड नोबेल (1867); उनकी वसीयत से नोबेल पुरस्कार शुरू हुए, पहली बार 1901 में दिए गए
विद्युत बैटरी (वोल्टीय पुंज) — अलेस्सांद्रो वोल्टा (1800)
बैरोमीटर (वायुदाबमापी) — इवांजेलिस्टा टॉरिसेली
विद्युत चुंबकीय प्रेरण (जनित्र/डायनमो का आधार) — माइकल फ़ैराडे (1831)
क्रेस्कोग्राफ़ (पौधों की वृद्धि मापने वाला यंत्र) — जगदीश चंद्र बोस
हाथ में पकड़ने वाला मोबाइल फ़ोन (पहली कॉल, 1973) — मार्टिन कूपर
कंप्यूटर माउस — डगलस एंगलबार्ट
वर्ल्ड वाइड वेब — टिम बर्नर्स-ली (1989, CERN में)
🧠 Active Recall: टेलीफ़ोन का आविष्कार किसने किया, और टेलीविज़न का पहला प्रदर्शन किसने किया? (ग्राहम बेल; जॉन लोगी बेयर्ड।)
2. विज्ञान की बड़ी खोजें
परमाणु की संरचना (NCERT कक्षा 9):
इलेक्ट्रॉन — जे. जे. टॉमसन (1897)
परमाणु नाभिक (स्वर्ण-पत्र प्रयोग) — अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड (1911)
न्यूट्रॉन — जेम्स चैडविक (1932)
विकिरण:
X-किरणें — विल्हेम रॉन्टजन (1895)
रेडियोधर्मिता — हेनरी बेकरेल (1896)
रेडियम और पोलोनियम — मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी
चिकित्सा और जीव विज्ञान:
चेचक (स्मॉलपॉक्स) का टीका — एडवर्ड जेनर (1796)
रेबीज़ का टीका और पाश्चरीकरण — लुई पाश्चर
पेनिसिलिन, पहला एंटीबायोटिक — अलेक्ज़ेंडर फ़्लेमिंग (1928)
पोलियो का टीका — जोनास साल्क (इंजेक्शन वाला, मृत विषाणु); अल्बर्ट साबिन (मुँह से दी जाने वाली खुराक)
क्षय रोग (TB) और हैज़ा के जीवाणु — रॉबर्ट कोच
रक्त परिसंचरण — विलियम हार्वे (1628)
रक्त समूह (A, B, O) — कार्ल लैंडस्टीनर
इंसुलिन — फ़्रेडरिक बैंटिंग और चार्ल्स बेस्ट (1921)
आनुवंशिकता के नियम (मटर के पौधे) — ग्रेगर मेंडल
प्राकृतिक वरण द्वारा विकास का सिद्धांत — चार्ल्स डार्विन
DNA की द्वि-कुंडली (डबल हेलिक्स) संरचना — जेम्स वॉटसन और फ़्रांसिस क्रिक (1953)
आवर्त सारणी (1869) — दिमित्री मेंडलीफ़
कोशिका (कॉर्क में) — रॉबर्ट हुक (1665); कोशिका का केंद्रक — रॉबर्ट ब्राउन (1831)
स्मृति-सूत्र — "मेंडल की मटर, मेंडलीफ़ के तत्व": छोटा नाम (मेंडल) बगीचे में मटर उगाता रहा; लंबा नाम (मेंडलीफ़) लंबी सूची — तत्वों — को सजाता रहा।
🧠 Active Recall: न्यूट्रॉन की खोज किसने की, और इलेक्ट्रॉन की किसने? (चैडविक; जे. जे. टॉमसन।)
3. भारतीय वैज्ञानिक और उनका काम
सी. वी. रमन — रमन प्रभाव (प्रकाश का प्रकीर्णन), 28 फ़रवरी 1928 को घोषित; भौतिकी का नोबेल पुरस्कार, 1930। 28 फ़रवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस है।
जगदीश चंद्र बोस — दिखाया कि पौधे उद्दीपनों पर प्रतिक्रिया करते हैं; क्रेस्कोग्राफ़ बनाया; रेडियो/सूक्ष्म-तरंग अनुसंधान के अग्रदूत।
श्रीनिवास रामानुजन — गणितज्ञ; 1729 को हार्डी–रामानुजन संख्या कहते हैं; उनका जन्मदिन 22 दिसंबर राष्ट्रीय गणित दिवस है।
सत्येंद्र नाथ बोस — बोस–आइंस्टीन सांख्यिकी; "बोसॉन" कण उन्हीं के नाम पर हैं।
मेघनाद साहा — साहा आयनन समीकरण (खगोल-भौतिकी)।
होमी जहाँगीर भाभा — भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक; TIFR (1945) की स्थापना की।
विक्रम साराभाई — भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक; PRL, अहमदाबाद (1947) की स्थापना की।
ए. पी. जे. अब्दुल कलाम — "भारत के मिसाइल मैन"; SLV-3 के परियोजना निदेशक; एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम का नेतृत्व; भारत के 11वें राष्ट्रपति।
एम. एस. स्वामीनाथन — भारत की हरित क्रांति के प्रमुख वैज्ञानिक।
वर्गीज़ कुरियन — "श्वेत क्रांति के जनक" (ऑपरेशन फ़्लड)।
भारत से जुड़े विज्ञान के नोबेल पुरस्कार:
सी. वी. रमन — भौतिकी, 1930 (भारतीय नागरिक)
हरगोविंद खुराना — शरीर-क्रिया विज्ञान या चिकित्सा, 1968 (भारत में जन्मे; आनुवंशिक कूट)
सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर — भौतिकी, 1983 (भारत में जन्मे; श्वेत वामन तारों की चंद्रशेखर सीमा)
वेंकटरमन रामकृष्णन — रसायन, 2009 (भारत में जन्मे; राइबोसोम की संरचना)
🧠 Active Recall: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब है, और क्यों? (28 फ़रवरी — रमन प्रभाव, 1928।)
भाग B — मापन के मात्रक
4. SI के मूल मात्रक (7)
राशि — मात्रक (प्रतीक)
लंबाई — मीटर (m)
द्रव्यमान — किलोग्राम (kg)
समय — सेकंड (s)
विद्युत धारा — ऐम्पियर (A)
ताप — केल्विन (K)
पदार्थ की मात्रा — मोल (mol)
ज्योति-तीव्रता — कैंडेला (cd)
सूत्र: "मेरे काका से आए कल्लू मामा कैंडी लेकर" — मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल, कैंडेला।
5. सामान्य व्युत्पन्न मात्रक
बल — न्यूटन (N) | कार्य/ऊर्जा — जूल (J) | शक्ति — वाट (W) | दाब — पास्कल (Pa)
आवृत्ति — हर्ट्ज़ (Hz) | विद्युत आवेश — कूलॉम (C) | विभवांतर — वोल्ट (V)
प्रतिरोध — ओम (Ω) | धारिता — फ़ैरड (F) | प्रेरकत्व — हेनरी (H)
चुंबकीय फ़्लक्स — वेबर (Wb) | चुंबकीय क्षेत्र (फ़्लक्स घनत्व) — टेस्ला (T)
लेंस की क्षमता — डायोप्टर (D)
6. विशेष मात्रक और रूपांतरण
प्रकाश वर्ष — दूरी का मात्रक (प्रकाश एक वर्ष में जितनी दूरी तय करता है, लगभग 9.46 × 10^15 m), समय का नहीं।
पारसेक — खगोल विज्ञान में यह भी दूरी का मात्रक है।
ऐंगस्ट्रॉम (Å) — 10^-10 m; तरंगदैर्घ्य जैसी बहुत छोटी लंबाइयों के लिए।
नॉट — जहाज़ों और विमानों की चाल (1 समुद्री मील प्रति घंटा)।
डेसिबल (dB) — ध्वनि का स्तर (प्रबलता)।
फ़ैदम — पानी की गहराई।
1 अश्वशक्ति (हॉर्सपावर) — लगभग 746 वाट।
1 किलोवाट-घंटा (बिजली की 1 "यूनिट") — 3.6 × 10^6 जूल।
0 K = -273.15 °C; 0 °C = 273.15 K।
सेल्सियस और फ़ारेनहाइट -40 पर एक ही पाठ्यांक दिखाते हैं।
शरीर का सामान्य ताप — 37 °C = 98.6 °F।
🧠 Active Recall: प्रकाश वर्ष समय का मात्रक है या दूरी का? दाब का SI मात्रक बताइए। (दूरी; पास्कल।)
भाग C — कंप्यूटर की बुनियाद
7. कंप्यूटर के भाग
CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) — कंप्यूटर का "मस्तिष्क"। इसमें ALU (अंकगणितीय तर्क इकाई) होती है जो गणना और तुलना करती है, और CU (नियंत्रण इकाई) जो बाकी सभी भागों को निर्देश देती है।
इनपुट (निवेश) युक्तियाँ — कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफ़ोन, जॉयस्टिक, लाइट पेन।
आउटपुट (निर्गत) युक्तियाँ — मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर, प्लॉटर, प्रोजेक्टर।
स्मृति (मेमोरी):
RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) — मुख्य कार्यकारी स्मृति; अस्थायी/वोलेटाइल (बिजली जाते ही डेटा मिट जाता है)।
ROM (रीड ओनली मेमोरी) — स्थायी/नॉन-वोलेटाइल; कंप्यूटर चालू होने के निर्देश रखती है।
कैश — CPU और RAM के बीच बहुत तेज़, छोटी स्मृति।
द्वितीयक भंडारण — हार्ड डिस्क, SSD, पेन ड्राइव, CD/DVD; डेटा स्थायी रूप से रखते हैं।
गति का क्रम (सबसे तेज़ पहले): रजिस्टर > कैश > RAM > हार्ड डिस्क।
8. डेटा के मात्रक
कंप्यूटर बाइनरी (द्वि-आधारी) में काम करता है — केवल 0 और 1। एक बाइनरी अंक = 1 बिट।
4 बिट = 1 निबल | 8 बिट = 1 बाइट | 1024 बाइट = 1 KB | 1024 KB = 1 MB | 1024 MB = 1 GB | 1024 GB = 1 TB
उदाहरण: दशमलव 10 = बाइनरी 1010; बाइनरी 1101 = दशमलव 13 (8 + 4 + 0 + 1)।
9. कंप्यूटर की पीढ़ियाँ
पहली — निर्वात नलिकाएँ (वैक्यूम ट्यूब) (उदाहरण: ENIAC, 1946)
दूसरी — ट्रांज़िस्टर
तीसरी — एकीकृत परिपथ (IC)
चौथी — माइक्रोप्रोसेसर (VLSI)
पाँचवीं — कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अभी विकासशील
सूत्र: "V-T-I-M-AI" — "वेरी टायर्ड इंडियन्स मेक AI": वैक्यूम ट्यूब → ट्रांज़िस्टर → IC → माइक्रोप्रोसेसर → AI। पीढ़ी जितनी नई, पुर्ज़ा उतना छोटा।
चार्ल्स बैबेज को "कंप्यूटर का जनक" कहते हैं (उन्होंने एनालिटिकल इंजन की रूपरेखा बनाई)। एडा लवलेस ने वह लिखा जिसे पहला कंप्यूटर प्रोग्राम माना जाता है। भारत का पहला सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 (1991) C-DAC, पुणे ने बनाया।
10. परीक्षा में पूछे जाने वाले संक्षिप्त रूप
HTML — HyperText Markup Language | HTTP — HyperText Transfer Protocol | URL — Uniform Resource Locator
WWW — World Wide Web | LAN / MAN / WAN — Local / Metropolitan / Wide Area Network
USB — Universal Serial Bus | PDF — Portable Document Format | GUI — Graphical User Interface
OS — Operating System | ISP — Internet Service Provider | GPS — Global Positioning System
नेटवर्क पर पहला ईमेल रे टॉमलिंसन (1971) ने भेजा था; "@" चिह्न उन्होंने ही चुना।
🧠 Active Recall: बिजली जाने पर कौन-सी स्मृति अपना डेटा खो देती है? IC किस पीढ़ी में आए? (RAM; तीसरी।)
भाग D — भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम
11. समय-रेखा
1962 — परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन INCOSPAR (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति) बनी; विक्रम साराभाई इसके प्रेरक थे।
21 नवंबर 1963 — थुम्बा (TERLS), तिरुवनंतपुरम के पास से पहला साउंडिंग रॉकेट छोड़ा गया।
अगस्त 1969 (15 अगस्त) — INCOSPAR की जगह ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) बना। मुख्यालय: बेंगलुरु।
जून 1972 — अंतरिक्ष आयोग और अंतरिक्ष विभाग (DOS) बने; सितंबर 1972 में ISRO अंतरिक्ष विभाग के अधीन आया।
19 अप्रैल 1975 — आर्यभट, भारत का पहला उपग्रह; ISRO ने बनाया, सोवियत संघ ने प्रक्षेपित किया।
18 जुलाई 1980 — SLV-3, भारत के पहले उपग्रह प्रक्षेपण यान ने श्रीहरिकोटा से रोहिणी उपग्रह को कक्षा में पहुँचाया। परियोजना निदेशक: ए. पी. जे. अब्दुल कलाम।
3 अप्रैल 1984 — राकेश शर्मा, अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय, सोवियत यान सोयुज़ T-11 से गए।
स्मृति-श्रृंखला: "62 – 63 – 69 – 72 – 75 – 80 – 84" = INCOSPAR – थुम्बा – ISRO – DOS – आर्यभट – SLV-3 – राकेश शर्मा।
12. प्रक्षेपण यान और केंद्र
आने के क्रम में रॉकेट: SLV → ASLV → PSLV → GSLV → LVM3 (पहले GSLV Mk III कहलाता था)।
PSLV को ISRO का "वर्कहॉर्स" (भरोसेमंद यान) कहते हैं। 15 फ़रवरी 2017 को PSLV-C37 ने एक ही प्रक्षेपण में 104 उपग्रह कक्षा में पहुँचाए।
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR) — श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश: भारत का अंतरिक्ष-बंदरगाह।
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) — तिरुवनंतपुरम: रॉकेट।
यू. आर. राव उपग्रह केंद्र (URSC) — बेंगलुरु: उपग्रह।
अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (SAC) — अहमदाबाद।
NavIC — भारत की अपनी क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली।
13. चाँद, मंगल और सूर्य के मिशन
चंद्रयान-1 — 22 अक्टूबर 2008 को PSLV-C11 से प्रक्षेपित। भारत का पहला चंद्र मिशन; चाँद पर जल-अणुओं (पानी) की उपस्थिति के प्रमाण मिले।
मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) — 5 नवंबर 2013 को PSLV-C25 से प्रक्षेपित; 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुँचा। ISRO पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा तक पहुँचा।
चंद्रयान-2 — 22 जुलाई 2019 को GSLV Mk III से प्रक्षेपित। ऑर्बिटर काम करता रहा, पर विक्रम लैंडर सितंबर 2019 में चाँद पर टकरा गया। उस स्थान को बाद में "तिरंगा पॉइंट" नाम दिया गया।
चंद्रयान-3 — 14 जुलाई 2023 को LVM3-M4 से प्रक्षेपित; विक्रम लैंडर 23 अगस्त 2023 को प्रज्ञान रोवर के साथ चंद्र दक्षिणी ध्रुव के पास आराम से (सॉफ़्ट लैंडिंग) उतरा। भारत चाँद पर सॉफ़्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बना (सोवियत संघ, अमेरिका और चीन के बाद) और दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला। उतरने के स्थान का नाम "शिव शक्ति पॉइंट" है, और 23 अगस्त राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस है।
आदित्य-L1 — भारत की पहली सौर वेधशाला; 2 सितंबर 2023 को PSLV-C57 से प्रक्षेपित; 6 जनवरी 2024 को सूर्य–पृथ्वी लैग्रांज बिंदु L1 के चारों ओर हेलो कक्षा में स्थापित।
चाँद–मंगल–सूर्य का क्रम: चंद्रयान-1 (2008) → मंगलयान (2013) → चंद्रयान-2 (2019) → चंद्रयान-3 (जुलाई 2023) → आदित्य-L1 (सितंबर 2023)।
14. अंतरिक्ष में भारतीय और गगनयान
राकेश शर्मा (1984) — अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक (अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, इस पर उनका उत्तर था "सारे जहाँ से अच्छा")।
कल्पना चावला — अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला (1997, स्पेस शटल कोलंबिया); 1 फ़रवरी 2003 को कोलंबिया दुर्घटना में उनका निधन हुआ।
गगनयान — भारत का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम। 27 फ़रवरी 2024 को भारतीय वायुसेना के चार टेस्ट पायलट अंतरिक्ष-यात्री के रूप में नामित हुए: प्रशांत बालकृष्णन नायर, अजीत कृष्णन, अंगद प्रताप और शुभांशु शुक्ला। व्योममित्र मानव-रहित परीक्षण उड़ानों के लिए बनाई गई अर्ध-मानवाकार (हाफ़-ह्यूमनॉइड) रोबोट है।
🧠 Active Recall: क्रम लगाइए: आर्यभट, ISRO का गठन, SLV-3, अंतरिक्ष विभाग। (ISRO 1969 → DOS 1972 → आर्यभट 1975 → SLV-3 1980।)
भाग E — परमाणु और रक्षा के पड़ाव
15. परमाणु कार्यक्रम
1948 — परमाणु ऊर्जा आयोग बना; होमी जे. भाभा इसके पहले अध्यक्ष।
1954 — परमाणु ऊर्जा विभाग; परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान, ट्रॉम्बे (AEET) बना।
4 अगस्त 1956 — अप्सरा, भारत का पहला परमाणु अनुसंधान रिएक्टर, ट्रॉम्बे में चालू हुआ।
22 जनवरी 1967 — AEET का नाम बदलकर भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), ट्रॉम्बे, मुंबई किया गया।
1969 — तारापुर (महाराष्ट्र), भारत का पहला परमाणु बिजलीघर।
18 मई 1974 — पोखरण-I, भारत का पहला परमाणु परीक्षण (राजस्थान), कूट नाम "स्माइलिंग बुद्धा"।
11 और 13 मई 1998 — पोखरण-II, पाँच परीक्षण, "ऑपरेशन शक्ति"। 11 मई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस है।
16. DRDO और मिसाइलें
DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) — 1958 में बना; मुख्यालय नई दिल्ली।
एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) — 1983 में कलाम के नेतृत्व में शुरू। इसकी पाँच मिसाइलें:
पृथ्वी — सतह से सतह (कम दूरी)
अग्नि — सतह से सतह, बैलिस्टिक (लंबी दूरी)
आकाश — सतह से हवा (मध्यम दूरी)
त्रिशूल — सतह से हवा (कम दूरी)
नाग — टैंक-रोधी निर्देशित मिसाइल
सूत्र: "पापा आज आकाश तक नाचे" — पृथ्वी, अग्नि, आकाश, त्रिशूल, नाग।
अन्य नाम: ब्रह्मोस — सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल, भारत–रूस संयुक्त उद्यम; नाम ब्रह्मपुत्र और मोस्कवा नदियों से। अस्त्र — हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल।
तेजस — हल्का लड़ाकू विमान (LCA), ADA ने डिज़ाइन किया, HAL ने बनाया।
INS विक्रांत — भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत, कोचीन शिपयार्ड में बना, 2 सितंबर 2022 को नौसेना में शामिल (कमीशन) हुआ।
🧠 Active Recall: IGMDP की कौन-सी मिसाइल टैंक-रोधी है, और कौन-सी दो सतह से हवा वाली हैं? (नाग; आकाश और त्रिशूल।)
भाग F — संस्थान और विज्ञान दिवस
17. वैज्ञानिक संस्थान और उनके शहर
ISRO — बेंगलुरु | DRDO — नई दिल्ली | BARC — ट्रॉम्बे, मुंबई | CSIR (1942) — नई दिल्ली
ICMR — नई दिल्ली | ICAR — नई दिल्ली | IARI (पूसा संस्थान) — नई दिल्ली | IMD (1875) — नई दिल्ली
IISc (1909) — बेंगलुरु | TIFR (1945) — मुंबई | PRL (1947) — अहमदाबाद
C-DAC — पुणे | NCL (राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला) — पुणे
CDRI (केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान) — लखनऊ | CCMB (कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र) — हैदराबाद
CFTRI (केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान) — मैसूरु | NIO (राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान) — गोवा
NDRI (राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान) — करनाल | CLRI (केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान) — चेन्नई
NPL (राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला) — नई दिल्ली
18. विज्ञान दिवस
28 फ़रवरी — राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (रमन प्रभाव)
11 मई — राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (पोखरण-II, 1998)
23 अगस्त — राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (चंद्रयान-3 की लैंडिंग, 2023)
22 दिसंबर — राष्ट्रीय गणित दिवस (रामानुजन का जन्मदिन)
🧠 Active Recall: CFTRI किस शहर में है, और CDRI किसमें? (मैसूरु; लखनऊ।)
सारांश तालिका
| विषय | याद रखने योग्य बिंदु |
|---|---|
| टेलीफ़ोन / बल्ब / हवाई जहाज़ | ग्राहम बेल / एडिसन / राइट बंधु |
| इलेक्ट्रॉन / नाभिक / न्यूट्रॉन | टॉमसन / रदरफ़ोर्ड / चैडविक |
| पेनिसिलिन / चेचक का टीका | फ़्लेमिंग / जेनर |
| SI मूल मात्रक | 7 — m, kg, s, A, K, mol, cd |
| प्रकाश वर्ष | दूरी का मात्रक |
| RAM / ROM | अस्थायी (वोलेटाइल) / स्थायी |
| ISRO | अगस्त 1969 में बना; मुख्यालय बेंगलुरु |
| आर्यभट | 19 अप्रैल 1975, सोवियत संघ ने प्रक्षेपित किया |
| चंद्रयान-3 | 23 अगस्त 2023 को चंद्र दक्षिणी ध्रुव के पास उतरा |
| पोखरण-I / पोखरण-II | 18 मई 1974 / 11 और 13 मई 1998 |
⏰ इसे 2 दिन बाद दोहराएँ।
⚠️ सावधान: परीक्षक का जाल
जाल 1 — "समान नाम": मेंडल (आनुवंशिकता, मटर) बनाम मेंडलीफ़ (आवर्त सारणी); साल्क (इंजेक्शन वाला पोलियो टीका) बनाम साबिन (मुँह से दिया जाने वाला पोलियो टीका); जे. जे. टॉमसन (इलेक्ट्रॉन) बनाम विलियम टॉमसन यानी लॉर्ड केल्विन (ताप पैमाना)। विकल्प चुनने से पहले पूरा नाम पढ़ें।
जाल 2 — "कालानुक्रमिक भ्रम": ISRO 1969 में बना, पर INCOSPAR 1962 में और अंतरिक्ष विभाग 1972 में। चंद्रयान-2 (2019) सॉफ़्ट लैंडिंग नहीं कर पाया; चंद्रयान-3 (2023) सफल रहा। आदित्य-L1 2023 में प्रक्षेपित हुआ, पर अपनी L1 कक्षा में 6 जनवरी 2024 को पहुँचा।
जाल 3 — "लगभग सही कथन": "आर्यभट को भारतीय रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया।" बात 90% सही लगती है — ISRO ने इसे बनाया — पर प्रक्षेपण सोवियत संघ ने किया। इसी तरह "प्रकाश वर्ष समय मापता है" — 'वर्ष' शब्द के कारण सही लगता है, पर यह दूरी मापता है।
जाल 4 — "नकारात्मक वाक्यांश": "इनमें से कौन-सा SI मूल मात्रक नहीं है?" — न्यूटन, जूल, वाट और पास्कल व्युत्पन्न मात्रक हैं; मूल मात्रक केवल सात हैं।
🔁 भाषाई कंट्रास्ट: हिंदी में ऐसा, अंग्रेज़ी में वैसा
आविष्कार — Invention | खोज — Discovery
मूल मात्रक — Base unit | व्युत्पन्न मात्रक — Derived unit
प्रकाश वर्ष — Light-year | अश्वशक्ति — Horsepower
प्रक्षेपण यान — Launch vehicle | उपग्रह — Satellite
कक्षा (अंतरिक्ष में) — Orbit | चंद्र दक्षिणी ध्रुव — Lunar south pole
परमाणु परीक्षण — Nuclear test | प्रक्षेपास्त्र — Missile
विमानवाहक पोत — Aircraft carrier | स्मृति (कंप्यूटर) — Memory
निवेश / निर्गत युक्ति — Input / Output device
🔗 Static-Dynamic Link
ISRO के स्थिर इतिहास में नए अध्याय जुड़ते रहते हैं। हाल के तिथि-सहित पड़ाव:
16 जनवरी 2025 — SpaDeX (30 दिसंबर 2024 को PSLV-C60 से प्रक्षेपित) ने अंतरिक्ष में दो उपग्रहों को जोड़ा (डॉकिंग); ऐसा करने वाला भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बना।
25 जून – 15 जुलाई 2025 — ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाने वाले पहले भारतीय बने; राकेश शर्मा (1984) के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय।
30 जुलाई 2025 — ISRO और NASA का पहला संयुक्त पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह NISAR, GSLV-F16 से श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित हुआ।
इसके बाद के प्रक्षेपणों के लिए परीक्षा से पहले isro.gov.in और pib.gov.in देखें।
📅 रिवीजन प्लानर: तीन-स्तरीय ब्लर्टिंग
| स्तर | कब | क्या करें |
|---|---|---|
| 🔴 तुरंत | 2 दिन बाद | खाली पन्ने पर 7 SI मूल मात्रक, ISRO की समय-रेखा (1962–1984) और चारों विज्ञान दिवस लिखें। |
| 🟡 साप्ताहिक | 7वें दिन | याद से 15 आविष्कारक–आविष्कार जोड़े और चाँद–मंगल–सूर्य मिशन प्रक्षेपण वर्ष सहित लिखें। मिलते-जुलते नामों की वर्तनी जाँचें। |
| 🟢 मासिक | 30वें दिन | बिना नोट्स के एक प्रैक्टिस सेट हल करें; हर गलत उत्तर के आगे जाल का प्रकार लिखें। फिर 3 मिनट में 10 संस्थान शहरों सहित लिखें। |
🔢 हाई-यील्ड तथ्य एवं आँकड़े (एक नज़र में)
| तथ्य | आँकड़ा/विवरण |
|---|---|
| SI मूल मात्रक | 7 |
| 1 बाइट | 8 बिट |
| 1 KB | 1024 बाइट |
| 1 अश्वशक्ति | लगभग 746 W |
| 1 kWh | 3.6 × 10^6 J |
| ISRO का गठन | अगस्त 1969 |
| आर्यभट का प्रक्षेपण | 19 अप्रैल 1975 |
| मंगल की कक्षा में प्रवेश | 24 सितंबर 2014 |
| चंद्रयान-3 की लैंडिंग | 23 अगस्त 2023 |
| PSLV-C37 | 104 उपग्रह, 15 फ़रवरी 2017 |
विज्ञान और प्रौद्योगिकी डरने वाली सूची नहीं है — यह जिज्ञासु लोगों की कहानी है जो बार-बार "क्यों?" और "कैसे?" पूछते रहे। कहानी समझिए, तथ्य अपने-आप याद रहेंगे।